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भोजपुर के बाड़िया गांव के पीड़ित परिवार पर दबंगों का कहर: पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का प्रयास, विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी !

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स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता से परेशान पीड़ितों ने भोपाल संभाग कमिश्नर और IG से लगाई न्याय की गुहार राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न होने का आरोप ।

 घनश्याम शर्मा माचलपुर 

 राजगढ़ / माचलपुर :- जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बाड़िया से अनुसूचित जाति के एक परिवार ने जमीन पर कब्जा और जातिगत उत्पीड़न का गंभीर मामला उठाते हुए भोपाल संभाग कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है । श्यामसुंदर,गिरधारी, मोहन और कमलेश सहित पीड़ित परिवार ने भोपाल पहुंचकर संभागीय उपायुक्त सहित पुलिस महानिरीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। पीड़ितों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि पर क्षेत्र के दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है और विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक गालियां देकर मारपीट तथा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं ।

शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम बाड़िया स्थित करीब 2.993 हेक्टेयर कृषि भूमि राजस्व रिकॉर्ड में पीड़ित परिवार के नाम दर्ज है । इसके बावजूद उन्हें अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर खेती नहीं करने दी जा रही है। पीड़ितों के अनुसार, 26 जून 2026 को जब वे अपने खेत पर पहुंचे,तो आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया, उनके साथ मारपीट की और दोबारा खेत पर कदम रखने पर जान से खत्म करने की सीधी धमकी दी ।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस से बार बार शिकायत करने के बाद भी उन्हें अब तक कोई न्याय नहीं मिला । प्रभावी कार्रवाई के अभाव में आरोपियों के हौसले बुलंद हैं, जिसके कारण पूरा दलित परिवार लगातार भय के साये में जीने को मजबूर है । पीड़ितों ने राजनीतिक दबाव के कारण स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई न होने का अंदेशा जताया है ।
न्याय के लिए दर-दर भटक रहे इस दलित वर्ग के बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवक अब सामूहिक रूप से अपनी गुहार लेकर भोपाल पहुंचे हैं। परिवार ने अपनी लिखित शिकायत में दोषियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने,जमीन से अवैध कब्जा हटवाने,परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता और राहत राशि देने की मांग की है ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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