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ब्रह्मांड के राजा का अभिषेक करने 17 किमी नंगे पैर चले खिलचीपुर के ‘राजा’पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह की अगुवाई में उमड़ा श्रद्धा का ऐतिहासिक जन सैलाब !

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कालीसिंध के पावन जल से महका माचलपुर; महाकाल की दिव्य चलित झांकी बनी मुख्य आकर्षण, भजनों की धुन पर झूमे हज़ारों श्रद्धालु, गुप्तनाथ महादेव पर भव्य जलाभिषेक के बाद खुला विशाल भंडारा ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

माचलपुर :– पवित्र सावन मास के अवसर पर समूचा क्षेत्र अध्यात्म और अगाध आस्था के अनूठे रंग में डूब गया है। रविवार को यहाँ शिवभक्ति का एक ऐसा ऐतिहासिक, भव्य और विहंगम नजारा देखने को मिला जो लंबे समय तक जनमानस के स्मृति पटल पर अंकित रहेगा। कांग्रेस पार्टी और क्षेत्र के शिव भक्तों के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का सबसे अनूठा और अनुकरणीय रूप तब देखने को मिला जब ब्रह्मांड के राजा देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करने के लिए खिलचीपुर रियासत के ‘राजा’ एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह धानोदा नदी से पूरे 17 किलोमीटर का सफर नंगे पैर पैदल तय कर गुप्तनाथ महादेव मंदिर पहुँचे। कंधे पर कलात्मक व आकर्षक रूप से सजी कावड़ थामे और जुबां पर ‘बम-बम भोले’ व ‘हर-हर महादेव’ का गगनभेदी जयघोष लिए सैकड़ों कावड़ियों ने पूरे अंचल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया ।

“बड़ी संख्या में महिलाओं ने निभाई भागीदारी”
नगर की इस ऐतिहासिक कावड़ यात्रा की एक और सबसे खूबसूरत और भव्य विशेषता इसमें मातृशक्ति की भारी मौजूदगी रही, यात्रा में केवल पुरुष और युवा ही नहीं,बल्कि बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय और ग्रामीण महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया । सिर पर मंगल कलश और हाथों में पूजा की थाली थामे महिलाएं पूरे रास्ते भगवान शिव के भक्ति गीतों और भजनों पर मंगल गान करती हुई चल रही थीं । महिलाओं की इस व्यापक और अनुशासित भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन की भव्यता और दिव्यता में चार चांद लगा दिए ।

” 17 किलोमीटर नंगे पैर पैदल चलकर किया गुप्तनाथ का अभिषेक”
कावड़ यात्रा में पूर्व ऊर्जा मंत्री और वर्तमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह का एक अनूठा और सादगी पूर्ण रूप जन-जन के आकर्षण का केंद्र रहा । जनप्रिय नेता प्रियव्रत सिंह (खिलचीपुर राजपरिवार के प्रमुख) ने आम श्रद्धालुओं और शिव भक्तों के साथ सुर में सुर मिलाते हुए,धानोदा से माचलपुर स्थित गुप्तनाथ महादेव मंदिर तक की लगभग 17 किलोमीटर की दूरी नंगे पैर पैदल चलकर पूरी की । हाथ में कावड़ और पैरों में बिना छाले की परवाह किए ब्रह्मांड के राजा महादेव के प्रति उनकी यह अगाध श्रद्धा देखकर पूरी यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साह दोगुना हो गया गुप्तनाथ महादेव मंदिर पहुँचकर उन्होंने नंगे पैर ही बाबा का पवित्र जल से महाअभिषेक किया ।

“वैदिक मंत्रोच्चार, माँ कालीसिंध के तट से भरा पावन जल”
इस अलौकिक धार्मिक यात्रा का विधिवत और गरिमामय शुभारंभ धानोदा गांव स्थित पवित्र कालीसिंध नदी के पावन तट से हुआ । यहाँ मुख्य आचार्यों द्वारा पूर्ण वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चारण के बीच सर्वप्रथम जीवनदायिनी माँ कालीसिंध और जल पात्रों (कलशों) का पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया । इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने पूर्ण पवित्रता के साथ पात्रों में जल भरा और देवाधिदेव महादेव को रिझाने के लिए कावड़ यात्रा के अटूट संकल्प के साथ कदम आगे बढ़ाए ।

“मुख्य आकर्षण, राजाधिराज महाकाल की अलौकिक चलित झांकी”
इस वर्ष की कावड़ यात्रा का सबसे मुख्य और विशेष आकर्षण भगवान महाकाल की भव्य चलित झांकी रही, जो पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ चलती रही । राजाधिराज महाकाल के इस अलौकिक और दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी । लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ झांकी की आरती उतारी, पुष्प अर्पित किए और बाबा महाकाल के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की खुशहाली का आशीर्वाद लिया ।

“भव्य स्वागत,भजनों की थाप पर थिरके पैर,पलक-पावड़े बिछाए”                                                             धानोदा नदी के तट से शुरू हुई यह यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी,एक विशाल जनसैलाब का रूप लेती गई । डीजे पर बज रहे भगवान महाकाल के भजनों की थाप पर उत्साही कावड़िए और युवा शिवभक्त पूरी मस्ती में थिरकते और झूमते हुए चल रहे थे । यात्रा मार्ग में पड़ने वाले गाँवों—धानोदा, गोघटपुर और खेड़ी बंधा से लेकर माचलपुर नगर तक का नजारा अद्भुत था पूरी राह में ग्रामीणों और नगरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर कावड़ियों का आत्मीय स्वागत किया । जिस मार्ग से भी यह कारवां गुजरा, वहाँ घरों की छतों, बाल्कनियों और चौराहों से फूलों की भारी वर्षा की गई। श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह सेवा स्टॉल लगाकर कावड़ियों के लिए ठंडे जल, फलाहार,जूस और विश्राम की बेहद सराहनीय व्यवस्था की गई थी ।

“धार्मिक अनुष्ठान, गुप्तनाथ महादेव में गूंजी महाआरती, भंडारे में उमड़ी भीड़”
अपने परंपरागत और निर्धारित मार्गों से होते हुए यह विशाल कावड़ यात्रा क्षेत्र के सुप्रसिद्ध और अति प्राचीन शिवालय गुप्तनाथ महादेव मंदिर पहुँची । मंदिर परिसर पहुँचते ही मेन गेट पर रावला परिवार द्वारा प्रियवृत सिंह का साफा फूल माला से स्वागत किया साथ सभी कावड़ियों का भी स्वागत किया । मंदिर परिसर में शिव भक्ति के चरम पर पहुँच गया यहाँ विद्वान पंडित चंद्रशेखर त्रिवेदी के मुख्य आचार्यत्व में सभी शिव भक्तों ने चराचर के स्वामी,देवाधिदेव महादेव का पवित्र जल से जल आभिषेक किया इसके उपरांत घड़ियाल, डमरू और घंटियों की गूंज के बीच भगवान शिव की भव्य महाआरती उतारी गई । महाआरती के संपन्न होते ही मंदिर परिसर में एक विशाल प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं श्रद्धाभाव से महाप्रसाद ग्रहण कि ।
इस यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे जिसमें पूर्व विधायक रामप्रसाद दांगी, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश पुरोहित, जिला पंचायत सदस्य यशवंत सिंह गुर्जर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष यशवंत सिंह पोलखेड़ा, श्याम बाबू तेजरा, मोहन सिंह पॉवर, जनपद अध्यक्ष जीरापुर, राजेंद्र सिंह अमलाबे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जीरापुर, घनश्याम गुर्जर धानोदा, धर्मेंद्र गोयल, भूपेंद्र मंडलोई,सुरेन्द्र गुर्जर, राजेश राठौर, बंटी पांचाल, भोलाराम दुबे, श्याम बैरागी सहित बड़ी संख्या कांग्रेसी शिव भक्त मौजूद थे ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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