काफी समय से रूठे मेघराज पावन सोमवार पर हुए मेहरबान,बिल्लेश्वर और मानकामनेश्वर महादेव के दरबार में भी उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- सावन मास का दूसरा सोमवार नगर के श्रद्धालुओं के लिए दोहरी खुशी लेकर आया । एक तरफ जहाँ आसमान में सोम प्रदोष, बुधादित्य राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ महासंयोग बना, वहीं दूसरी तरफ काफी समय से रूठे हुए इंद्र देव आखिरकार मेहरबान हो गए । लंबे समय के इंतजार के बाद आसमान से बरसीं अमृत रूपी बूंदों को देखकर हर शिव भक्त झूम उठा,श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल बारिश नहीं, बल्कि स्वयं प्रकृति द्वारा भोले बाबा का किया जा रहा साक्षात जलाभिषेक है ।
इस पावन मौके पर नगर के प्राचीन और जाग्रत केंद्र श्री गुप्तनाथ महादेव मंदिर में बाबा का अत्यंत आकर्षक और भव्य श्रृंगार किया गया भांग,चंदन, सूखे मेवों और ताजे फूलों से सजे भोलेनाथ के इस अलौकिक रूप को निहारने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा । रात से रिमझिम फुहारों और तेज बारिश के बीच बाबा के इस मनमोहक श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया ।
“बिल्लेश्वर और मानकामनेश्वर धाम में भी मची धूम”
नगर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी अल सुबह से ही गिरते पानी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला बिल्लेश्वर महादेव,यहाँ भक्तों ने शिवलिंग पर अखंडित बेलपत्रों की कतारें और दूध-गंगाजल की धारा अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की ।
मानकामनेश्वर महादेव, अपनी मन्नतें लेकर पहुंचे भक्तों ने जयकारों के साथ शीश नवाया और मनचाहे वरदान की प्रार्थना की साथ सात फेरो पर भी दर्शन लाभ लिया । ॐ नमः शिवाय की ध्वनि से गुंजायमान हुआ पूरा माचलपुर मौसम में आई ठंडक और महादेव की भक्ति ने मिलकर पूरे क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया है । शिवालयों से आ रही मंत्रोच्चार की आवाज, शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के गूंजते नारों से माचलपुर नगर का कोना-कोना सावन के रंग में रंग गया है । पंडितों के अनुसार, आज के इस महामुहूर्त में की गई पूजा और आराधना का पुण्य फल कभी समाप्त नहीं होता ।









