सावन का पहला सोमवार, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजी माचलपुर नगरी, सुबह से ही अभिषेक के लिए उमड़े श्रद्धालु ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- सावन मास के प्रथम सोमवार को नगर सहित अंचल के तमाम शिवालयो में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठे । शिव भक्ति के इस पावन पर्व पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, भक्तों ने पवित्र मन से भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना की ।पंचामृत से महादेव का अभिषेक,अर्पित की प्रिय सामग्री सावन के इस पावन योग पर शिवालयों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान हुए । श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से बाबा भोलेनाथ का दूध, दही, शहद, शक्कर और घी (पंचामृत) से दिव्य अभिषेक किया. महादेव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों ने उनके प्रिय बेलपत्र, धतूरा और आंकड़े के फूल अर्पित किए. शास्त्रों में माना गया है कि सावन में इन पूजन सामग्रियों को शिव जी पर चढ़ाने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं ।
“महाआरती के साथ हुआ दिन भर के आयोजनों का समापन”
सुबह के जलाभिषेक और दिन भर चले विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बाद रात्रि में नगर के समस्त शिवालयों में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया । शंख, घड़ियाल और डमरू की गूंज के बीच बाबा की दिव्य आरती उतारी गई, महाआरती के समय पूरा मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया ,आरती के पश्चात भक्तों को विशेष रूप से तैयार महाप्रसाद का वितरण किया गया ।
“गुप्तनाथ महादेव का हुआ अलौकिक श्रृंगार”
नगर ही नहीं क्षेत्र के सुप्रसिद्ध और प्राचीन गुप्तनाथ महादेव मंदिर में प्रथम सोमवार के अवसर पर बाबा भोलेनाथ का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया । बाबा का यह मनमोहक रूप देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े,मान्यता है कि गुप्तनाथ महादेव के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं । मंदिर परिसर में सुबह से ही मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना और आरती का दौर चलता रहा था ।
“बाघा बाल्डी से लेकर पुलिस थाने तक गूंजे जयकारे”
श्रद्धा और आस्था का ऐसा ही नजारा क्षेत्र के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी देखने को मिला :
बागेश्वर महादेव बाघा बाल्डी : यहाँ स्थित शिवालय में बाबा श्रृंगार किया और सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं,जहाँ श्रद्धालुओं ने महादेव के दर्शन किए ।
बिल्लेश्वर महादेव मंदिर: सावन के पहले सोमवार को मंदिर में विशेष साज-सज्जा की गई और दिन भर अभिषेक का क्रम चलता रहा ।
पुलिस थाना परिसर स्थित महादेव: यहाँ भी पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारियों सहित नगर आम नागरिकों ने जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।आवास कॉलोनी स्थित महादेव : स्थानीय रहवासियों द्वारा सुबह से ही सामूहिक रूप से भजन कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया ।
“धर्म और सावन का महत्व”
सनातन धर्म में सावन के महीने को आत्मिक शुद्धि और साधना का सबसे पवित्र काल माना गया है। भगवान शिव को श्रावण मास अत्यधिक प्रिय है, और इस दौरान किया गया लघु अभिषेक भी अक्षय पुण्य प्रदान करता है । सावन का पहला सोमवार इस भक्ति यात्रा का आरंभ है,जो मनुष्य को भौतिकता से दूर रहकर अध्यात्म और सेवा भाव से जोड़ता है ।










