
खिलचीपुर से माचलपुर नाके तक रोज़ाना रेंग रहा नगर,अब ‘सिटी पोर्शन’ ही एकमात्र इलाज, क्या जागेगा प्रशासन ?
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- जीरापुर केवल एक तहसील मुख्यालय ही नहीं,बल्कि माचलपुर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों का एक बहुत बड़ा और मुख्य व्यापारिक सेंटर भी है । इस महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र में हर दिन करोड़ों का व्यापार होता है और ग्रामीण अंचल से हज़ारों लोगों की आवाजाही रहती है । इसके बावजूद नगर की बुनियादी व्यवस्थाओं और यातायात को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है । खिलचीपुर नाके से लेकर माचलपुर नाके तक की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है,इस नरकीय स्थिति से तंग आकर अब प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने एक सुर में आवाज उठाई है कि इस मार्ग पर तत्काल ‘सिटी पोर्शन’ (शहरी सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण व डिवाइडर निर्माण) योजना लागू की जाए ।
“राजनीतिक अखाड़ा बना जीरापुर,पर विकास और व्यवस्था पर सब मौन”
व्यापारी सेंटर के साथ साथ जीरापुर में राजनीतिक गतिविधियां,नेताओं के दौरे और रैलियां आयोजित होती रहती हैं । अपनी सियासत चमकाने में व्यस्त राजनेताओं और उनके पीछे दौड़ने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के पास नगर की इस सबसे बड़ी समस्या को देखने का समय नहीं है । आखिर हर समय राजनीति में डूबे रहने वाले इस नगर की बुनियादी व्यवस्था पर किसी का ध्यान क्यों नहीं जाता,यह बात आम जनता की समझ से परे है ।
“खोखले साबित हुए बैठक के दावे,चौराहों पर पुलिस नदारद”
साप्ताहिक हाट बाजार के दौरान तो मुख्य मार्ग की स्थिति और भी बद से बदतर हो जाती है,सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस भारी अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए चौराहों पर एक भी पुलिस जवान दिखाई नहीं देता । पूर्व में आयोजित शांति समिति की बैठक में अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे करते हुए चौराहों पर स्थाई जवान तैनात करने का भरोसा दिलाया था,लेकिन जमीनी हकीकत में वे सारे दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए । ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को लेकर जान बूझकर मौन साधे हुए हैं ।
“स्कूल के समय थम जाती है रफ्तार,दांव पर बच्चों की सुरक्षा”
इस बेलगाम जाम का सबसे घातक असर माचलपुर रोड पर स्थित स्कूलों के मासूम बच्चों पर पड़ रहा है । दोपहर 12:00 बजे जब बच्चे स्कूल जाते हैं और शाम 4:30 बजे जब छुट्टी होती है, तब सड़कों पर भारी वाहनों का रेला और अनियंत्रित ट्रैफिक होता है । व्यापारिक सेंटर होने के कारण इस मार्ग पर लोडिंग वाहनों और ट्रैक्टरों का दबाव भी इसी समय सबसे ज्यादा रहता है, बिना किसी पुलिस सुरक्षा के इन मासूमों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है । अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है ।
“सिटी पोर्शन’ क्यों है समय की मांग” ?
स्थानीय नागरिकों के अनुसार,खिलचीपुर नाके से माचलपुर नाके के बीच वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ चुका है । वर्तमान संकरी सड़कें इस लोड को झेलने में पूरी तरह नाकाम हैं,इसके स्थाई समाधान के लिए पूरे बेल्ट को ‘सिटी पोर्शन’ योजना के तहत विकसित करना होगा । सड़कों को चौड़ा कर बीच में डिवाइडर बनाने,नो-पार्किंग ज़ोन तय करने और फुटपाथ से अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद ही जीरापुर को इस जाम से मुक्ति मिल सकती है । हर बार समाचार पत्रों के माध्यम से आगाह करने के बाद भी प्रशासन सचेत नहीं हो रहा है,जिससे जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है ।










