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शौर्य का शंखनाद,तलवार की धार और आग के गोलों से मातृशक्ति ने रचा नया इतिहास ।

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क्रांतिकारी संत श्री सत्यानंद त्यागी महाराज के सानिध्य में पहली बार महिला अखाड़े का अदम्य प्रदर्शन,दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हुआ जनसैलाब

घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़ / माचलपुर :- जीरापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामनगर झाड़मऊ पहाड़ी आश्रम पर इस वर्ष का गुरु पूर्णिमा महोत्सव भक्ति, शक्ति और सनातन संस्कृति के अनूठे संगम के रूप में मनाया गया । पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में उस समय नया अध्याय जुड़ गया,जब क्रांतिकारी संत सत्यानंद त्यागी महाराज के पावन सानिध्य में जिले में पहली बार किसी पहाड़ी आश्रम पर बहनों की टीम द्वारा अखाड़े का जीवंत प्रदर्शन किया गया । आधुनिकता की चकाचौंध के बीच सनातन की प्राचीन रक्षा विधा और नारी शक्ति के इस अदम्य साहस को देखकर पूरा क्षेत्र गौरवान्वित है ।

“मैदान में उतरीं आधुनिक दुर्गा,हैरतअंगेज करतब दिखाए”

कार्यक्रम के दौरान जैसे ही अखाड़े की पोशाक पहने मातृशक्ति मैदान में उतरी, पूरा पहाड़ी आश्रम जयकारों से गुंजायमान हो उठा । अनेक स्थानों पर अपनी कला का लोहा मनवा चुकीं इन जांबाज बहनों ने जब अपनी कला का प्रदर्शन शुरू किया, तो वहां मौजूद हर एक दर्शक प्रशंसा करता दिखाई दिया । बहनों ने हवा में लहराती चमचमाती तलवारों से बिजली की गति से तलवार बाजी की इसके बाद धधकते हुए आग के गोलों के बीच से निकलते हुए और जलती आग के साथ एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाकर उपस्थित जनसमुदाय को आश्चर्यचकित कर दिया । पारंपरिक लाठी संचालन और आत्मरक्षा के हैरतअंगेज प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि नारी केवल ममता की मूरत ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर रणचंडी का रूप भी धारण कर सकती है ।

“6 घंटे तक चला अखंड गुरु पूजन,मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुई पहाड़ी”

गुरुपूर्णिमा महोत्सव के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा का अनुपम दृश्य देखने को मिला सुबह ठीक 10:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ मुख्य गुरु पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । संत श्री सत्यानंद त्यागी महाराज के चरणों में शीश नवाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा । भक्तिमय भजनों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच यह महापूजन कार्यक्रम निरंतर शाम 4:00 बजे तक चला,आश्रम परिसर में मौजूद हर श्रद्धालु गुरु भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया ।

“विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी”

धार्मिक अनुष्ठान और शौर्य प्रदर्शन के समापन के पश्चात आश्रम परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया । महाप्रसाद के इस भंडारे में जीरापुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ पंक्तिबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की । भंडारे की व्यवस्था में स्थानीय युवाओं और सेवादारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जिससे शाम तक चलने वाला यह विशाल सेवा कार्य पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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