
एसपी का कड़ा रुख,नाइट पेट्रोलिंग टीम हाईवे पर गोवंश देखते ही ग्रुप में शेयर करेगी तस्वीर,रात में ही करना होगा शिफ्ट ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर/ राजगढ़ 26 जुलाई :- राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों सहित जिले की प्रमुख सड़कों को निराश्रित गोवंश से मुक्त करने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आज रविवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश की गौशालाओं में शिफ्टिंग और शत-प्रतिशत जिओ-टैगिंग को लेकर एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई । बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) अमित तोलानी, जिले के सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) मुख्य रूप से उपस्थित थे ।
“मिशन 100% क्षमता, सड़कों पर नहीं,गौशालाओं में रहेगा गोवंश”
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कड़े लहजे में निर्देश दिए कि जिले की सभी शासकीय गौशालाएं अपनी निर्धारित क्षमता के अनुसार शत-प्रतिशत संचालित होनी चाहिए । अब कोई भी निराश्रित गोवंश किसी भी हाईवे या अन्य मुख्य सड़कों पर बैठा हुआ दिखाई नहीं देना चाहिए । उन्होंने सभी एसडीएम और जनपद सीईओ को इस पूरे अभियान की खुद ग्राउंड पर जाकर नियमित मॉनिटरिंग करने तथा गोवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं में शिफ्ट कराने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं ।
“लापरवाह पंचायतों पर ‘बजट’ की गाज,तय होगी जिम्मेदारी”
कलेक्टर ने सख्त चेतावनी दी है कि जिन ग्राम पंचायतों द्वारा अपने क्षेत्र के शत प्रतिशत निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था नहीं की जाएगी, तो उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी । ऐसी लापरवाह पंचायतों के सरकारी अनुदान में कटौती का प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा । इसके साथ ही उन्होंने सभी संबंधित विभागों को गोवंश की शत-प्रतिशत जिओ-टैगिंग (निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं ।
” दुर्घटनाओं को रोकने बनेगा ब्लॉकवार एक्शन प्लान”
सड़कों पर गोवंश के कारण होने वाले जानलेवा सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रत्येक विकासखंड और नगरीय क्षेत्र में एक विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी । इस व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रतिदिन संबंधित ग्राम पंचायतों से संपर्क किया जाएगा और गौशालाओं में शिफ्ट किए गए गोवंश के लाइव फोटोग्राफ मंगाकर इसकी दैनिक समीक्षा की जाएगी ।
“आधी रात को एक्शन’ पुलिस पेट्रोलिंग टीम तुरंत करेगी अलर्ट”
समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने पुलिस विभाग को इस अभियान से सीधे जोड़ते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं । उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान यदि किसी भी सड़क अथवा नेशनल/स्टेट हाईवे पर निराश्रित गोवंश दिखाई देता है, तो गश्ती दल उसका तत्काल फोटो खींचेगा । इस फोटो को तुरंत संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक ग्रुप में साझा किया जाएगा,इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायत को तत्काल एक्टिव कर गोवंश को रात में ही सुरक्षित रूप से नजदीकी गौशाला तक पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी ।
“विभागों के समन्वय से चलेगा महाअभियान”
राजमार्गों पर आवारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब राजस्व विभाग,जनपद पंचायतें और नगरीय निकाय मिलकर एक संयुक्त और समन्वित महाअभियान चलाएंगे । कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि इस जनहित और पशु सुरक्षा से जुड़े कार्य में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन द्वारा इसकी निरंतर समीक्षा की जाएगी और लापरवाही मिलने पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई होगी ।









