Edition

महाफर्जीवाड़ा : राजगढ़ में कागजों पर जिंदा थीं सैकड़ों गाएं,कलेक्टर के छापे में खुली पोल, 5 डॉक्टरों पर गिरी गाज !

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गौशालाओं में “लापता” मिला गौवंश,सरकारी बजट ठिकाने लगाने का खेल उजागर,कारण बताओ नोटिस के जवाब फेल होने पर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने वेतनवृद्धि रोकने की भेजी अनुशंसा ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

माचलपुर / राजगढ़ :- जिले में सरकारी तंत्र को हिला देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है । शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गौवंश संरक्षण अभियान में डॉक्टरों की मिलीभगत से चल रहा एक बड़ा खेल उजागर हुआ है, गौशालाओं में गायों की फर्जी संख्या दिखाकर सरकारी रिकॉर्ड चमकाने और बजट ठिकाने लगाने वाले 5 पशु चिकित्सा अधिकारियों पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने अब तक की सबसे बड़ी गाज गिराई है । कलेक्टर ने गंभीर अनियमितता और तथ्य छिपाने के दोषी इन पांचों डॉक्टरों की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की अनुशंसा सीधे आयुक्त,पशुपालन एवं डेयरी विभाग,मध्य प्रदेश को भेज दी है । इस तगड़ी कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है ।

“कलेक्टर के क्रॉस वेरिफिकेशन ने उड़ाए होश”
मामला तब खुला जब कलेक्टर डॉ. मिश्रा के निर्देश पर प्रशासनिक टीमों ने जिले की गौशालाओं का औचक और दोबारा भौतिक सत्यापन किया । डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में जिन गौशालाओं को गायों से ‘हाउसफुल’ बताया था, प्रशासन के छापे में वहां हकीकत कुछ और ही निकली । कई गौशालाओं में गायों की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से बेहद कम पाई गई,कागजों पर तो गायों का वेरिफिकेशन कर दिया गया,लेकिन जमीन पर वे गायब मिलीं । इसे महा लापरवाही मानते हुए जब संबंधित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया, तो उनके पास इस फर्जीवाड़े का कोई जवाब नहीं था, उनके स्पष्टीकरण पूरी तरह असंतोषजनक पाए गए ।

“फर्जीवाड़े की’कुंडली’ किस डॉक्टर की कहां खुली पोल”प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि इन डॉक्टरों ने बिना सही जांच किए दफ्तर में बैठकर ही आंकड़े प्रमाणित कर दिए थे :-
डॉ. विनोद यादव (माचलपुर, मालावर): इनके द्वारा सत्यापित सर्वाधिक 12 गौशालाओं में गायों की संख्या में अंतर मिला ।
डॉ तीर्थराज कुलस्ते  जीरापुर : इनके द्वारा प्रमाणित की गई 7 गौशालाओं के आंकड़ों में भारी हेरफेर पाया गया ।     डॉ. अमित शाक्य सारंगपुर: इनके प्रभार वाली 3 गौशालाओं में जमीनी हकीकत और रिकॉर्ड बिल्कुल अलग मिले ।                                                            डॉ.अनीता पंवार सुठालिया : इनके द्वारा जांची गई 3 गौशालाओं में भी गंभीर अनियमितता पकड़ी गई ।डॉ.मधुसूदन शाक्य खिलचीपुर : इनके द्वारा सत्यापित 1 गौशाला के आंकड़ों में भी रिकॉर्ड का अंतर मिला ।

“यह सिर्फ लापरवाही नहीं, आस्था से खिलवाड़ है; आगे होगी और भी कठोर कार्रवाई” :- मिश्रा

“निराश्रित गौवंश की सुरक्षा, उनका पोषण और समुचित देखभाल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गौवंश केवल कागजी फाइल या संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आस्था, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। आंकड़ों की हेरफेर, तथ्य छिपाना या झूठी जानकारी देना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी ।”
— डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी,

 

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

Leave a Comment

और पढ़ें

traffic tail