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बिजली बनी बवाल: दूसरे दिन फिर सड़क पर उतरे 32 गांव, चक्काजाम से थमा ट्रैफिक ।

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रात की कटौती बंद करो, नहीं तो आंदोलन होगा और उग्र — ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी; खूजनेर-राजगढ़ मार्ग पर लगी वाहनों की लंबी कतारें, प्रशासन ने दी समझाइश ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़/माचलपुर :-जिले के करेड़ी ग्रिड क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार दूसरे दिन भी सड़कों पर दिखाई दिया । रविवार रात को ग्रिड का घेराव और चक्काजाम करने के बाद,आज मंगलवार को एक बार फिर करेड़ी सहित आसपास के 32 गांवों के लोगों का सब्र टूट गया और उन्होंने खूजनेर-राजगढ़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया । इस प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया ।

“वादों से नहीं बनी बात,फूटा जनता का आक्रोश”

ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन और बिजली कंपनी के अधिकारियों ने पूर्व में 4-5 दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था,लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है । रात की अघोषित कटौती लगातार जारी है इस उमस भरी गर्मी और रातों में बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और आमजन का जीना पूरी तरह मुहाल हो चुका है । प्रदर्शनकारियों ने विभाग के सामने साफ शर्त रखी है कि यदि बिजली की कमी के कारण लोड शेडिंग इतनी ही जरूरी है,तो इसे दिन में किया जाए,रात के समय ग्रामीण इलाकों को बख्शा जाए ।

“लिखित आदेश के बिना नहीं मानेंगे” — ग्रामीणों की चेतावनी”

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक रात की बिजली कटौती पूरी तरह बंद करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता,तब तक उनका यह चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा । ग्रामीणों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा कि बरसात के इस मौसम में बिजली गुल रहने से घरों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी दोगुना हो गया है ।

“पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा”

सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार,एसडीओपी अरविंद सिंह और संबंधित थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा । अधिकारियों ने सड़क पर बैठे आक्रोशित ग्रामीणों से लंबी चर्चा की और उन्हें व्यवस्था में जल्द सुधार का आश्वासन देते हुए समझाइश दी,प्रशासन की इस समझाइश और कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया और मार्ग पर यातायात बहाल हो सका । हालांकि, ग्रामीणों ने जाते-जाते प्रशासन को स्पष्ट लहजे में अल्टीमेटम दे दिया है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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