दिल्ली सरकार के फर्जी बोर्ड के नाम पर बांट रहे थे10 वीं 12वीं कीअंकसूचियां, आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- जिला पुलिस ने शिक्षा के क्षेत्र में धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है । पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन “बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली” के नाम पर परीक्षाएं आयोजित करने और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर फर्जी अंकसूची व प्रमाण-पत्र बांटने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है । यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस राजगढ़ अरविंद सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा की गई है ।
“फरियादी की शिकायत पर खुला राज”
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब फरियादी कुमेरसिंह भिलाला (42), निवासी ग्राम नाटाराम (थाना छापीहेड़ा) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई । शिकायत के मुताबिक, जीनियस कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर राजगढ़ के संचालक कुनाल मेवाड़े ने फरियादी की पत्नी गायत्री भिलाला को “बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन,दिल्ली” के नाम की 10वीं एवं 12वीं की फर्जी अंकसूची प्रदान की थी । शिकायत पर थाना कोतवाली राजगढ़ में अपराध क्रमांक 527/2025 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भादवि का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई ।
“दिल्ली सरकार की रिपोर्ट में बोर्ड निकला फर्जी”
विवेचना के दौरान राजगढ़ पुलिस टीम ने संबंधित बोर्ड के पते एवं दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराया । शिक्षा निदेशालय (दिल्ली सरकार) एवं स्कूल शिक्षा विभाग (नई दिल्ली) से प्राप्त आधिकारिक जानकारी में यह स्पष्ट हो गया कि “बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली” नाम का कोई भी बोर्ड शासन द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है और यह पूरी तरह फर्जी है ।
“सगे भाई मिलकर चला रहे थे फर्जीवाड़े का नेटवर्क”
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी कुनाल मेवाड़े ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए । आरोपी फर्जी बोर्ड की ऑनलाइन वेबसाइट पर खुद ही विद्यार्थियों की जानकारी अपलोड करता था,वहीं उसका सगा भाई राजू मेवाड़े अपने द्वारा संचालित ‘पूर्वी विद्या निकेतन’संस्था में इस फर्जी बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करवाता था । दोनों भाई मिलकर युवाओं को घर बैठे पास कराने और सरकारी नौकरी का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते थे । इन गिरफ्तार आरोपियों राजू मेवाड़े (47 वर्ष) पिता स्व. हरिशंकर मेवाड़े, निवासी शंकर कॉलोनी, राजगढ़,कुनाल मेवाड़े (41 वर्ष) पिता स्व. हरिशंकर मेवाड़े,निवासी उत्कृष्ट टॉवर, रानी लक्ष्मीबाई तिराहा के पास, राजगढ़ ।
“आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड”
पकड़े गए दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले से विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं,राजू मेवाड़े के विरुद्ध थाना कोतवाली राजगढ़, खिलचीपुर और ब्यावरा शहर में जालसाजी, मारपीट और बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत कुल 5 अपराध (वर्ष 2018, 2019, 2025 और 2026 में) दर्ज हैं । वही कुनाल मेवाड़े के विरुद्ध भी थाना कोतवाली राजगढ़ और ब्यावरा शहर में धोखाधड़ी और बीएनएस की धाराओं के तहत 3 गंभीर मामले दर्ज है ।
“पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका”
इस अंधेरे नेटवर्क को बेनकाब करने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक हरिओम रघुवंशी,प्रआर.अवधेश जाट, प्रआर.अरुण तिवारी और आर.हरिओम थाना ब्यावरा शहर से उप निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा,आर.दिनेश धाकड़,आर.सुनील यादव सायबर सेल राजगढ़ से प्रआर.दीपक यादव, आर. ललित तोमर का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा । उक्त प्रकरण की जांच जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सघन पूछताछ की जा रही है ,इस फर्जी नेटवर्क से जुड़े अन्य कड़ियों,एजेंटों और फर्जी अंकसूची लेने वाले अन्य लोगों की संलिप्तता की भी बारीकी से जांच की जा रही है । जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।










