
आधी रात को अरण्या गांव में मची चीख-पुकार, ग्रामीणों ने टैंकरों से बुझाई आग,पटवारी सतीश परलाया ने 15 लाख के नुकसान की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ /माचलपुर :– माचलपुर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अरण्या (प.ह.नं. 31) में बीती बुधवार रात को शॉर्ट सर्किट होने आग का ऐसा तांडव मचाया कि एक झटके में एक हंसता-खेलता परिवार सड़क पर आ गया । प्राप्त जानकारी अनुसार रात के सन्नाटे में लगी भीषण आग ने एक मकान में संचालित किराना, मनिहारी और कपड़े की दुकान सहित पूरे आशियाने को अपनी चपेट में ले लिया । इस दर्दनाक हादसे में पीड़ित परिवार की जीवन भर की कमाई और दुकान का लाखों का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया ।
“रात 12:15 बजे भड़की लपटें, देवदूत बनकर दौड़े ग्रामीण”
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बीती रात लगभग 12:15 बजे हुआ, जिसमे गांव के निवासी अनिल पुरी पिता देवीलाल गोस्वामी के रिहायशी मकान में बिजली बोर्ड में अचानक स्पार्किंग हुई और चिंगारियों उठी इन चिंगारियों ने देखते ही देखते विकराल आग का रूप धारण कर लिया । घर से आग की ऊंची लपटें और धुआँ उठता देख पूरे गांव में हड़कंप मच गया । चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण नींद से जागकर मौके पर भागे, ग्रामीणों ने गजब की मुस्तैदी दिखाते हुए निजी पानी के टैंकरों,घरों के बर्तनों और ट्यूबवेल की मदद से आग पर काबू पाने का मोर्चा संभाला । जब तक दमकल वाहन मौके पर पहुँचता, तब तक ग्रामीणों की भारी मशक्कत से आग शांत हो चुकी थी, लेकिन तब तक अंदर सब कुछ स्वाहा हो गया था ।
“पटवारी ने तुरंत किया मुआयना,वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट”
अग्निकांड की खबर मिलते ही हल्का पटवारी सतीश परलाया तत्परता दिखाते हुए तुरंत सुबह घटनास्थल अरण्या बालाजी पहुँचे । उन्होंने स्थानीय सरपंच, पंचों और गणमान्य ग्रामीणों की उपस्थिति में जले हुए मकान व दुकान का बारीकी से मुआयना किया,पटवारी ने मौके पर ही सभी की मौजूदगी में एक आधिकारिक पंचनामा तैयार किया । इस प्राथमिक सर्वे और पंचनामे के अनुसार, दुकान के किराना, मनिहारी,कपड़ों,नकदी और घर-गृहस्थी के पूरे सामान को मिलाकर लगभग ₹15,00,000 (पन्द्रह लाख रुपये) के भारी नुकसान का आकलन किया गया है । पटवारी सतीश परलाया ने मौका मुआयना मुकम्मल कर इस अग्निकांड की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों नायब तहसीलदार के समक्ष पेश कर दी है,ताकि पीड़ित को जल्द राहत मिल सके ।
“पचास हजार की नकदी और उधारी की डायरी भी खाक”
पीड़ित अनिल पुरी ने रूंधे गले से बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला । दुकान और मकान के मलबे में तब्दील होने के साथ ही घर में रखे ₹50,000 नकद भी जलकर राख हो गए । इसके अलावा, व्यापार की सबसे बड़ी पूंजी—यानी करीब डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन की उधारी वाली डायरी (हिसाब-किताब की लिखा-पढ़ी) भी इस आग में नष्ट हो गई । इस दोहरी मार से पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका है, पटवारी द्वारा रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय भेजे जाने के बाद अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से त्वरित आर्थिक सहायता और मुआवजा राशि स्वीकृत करने की मांग की है ।










