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काका के ग्यारहवीं (घाटा) कार्यक्रम में सम्मिलित हुए भतीजे की बांध में डूबने से मौत,माचलपुर में शोक की लहर ।

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दो मासूम बेटियों के सिर से हमेशा के लिए उठा पिता का साया, चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू टीम ने निकाला शव ।

 

घनश्याम शर्मा माचलपुर 

राजगढ़ / माचलपुर :- माचलपुर के भूतियाबे बांध पर बुधवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब अपने काका (अंकल) के निधन के ग्यारहवीं (घाटा) के कार्यक्रम में शामिल होने अपने परिजन व समाज के लोगों के साथ माचलपुर का एक 30 वर्षीय युवक बांध के गहरे पानी में डूब गया । करीब दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद जिला मुख्यालय से आई रेस्क्यू टीम ने युवक के शव को पानी से बाहर निकाला । इस हृदयविदारक घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है ।

“नहाते समय गहरे पानी में समाया युवक”

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जगदीश (30 वर्ष), पिता धन्ना वर्मा जो माचलपुर निवासी के रूप में हुई है । जो कि बुधवार को अपने परिवार और समाज के लोगों के साथ अपने काका के ग्यारहवीं के कार्यक्रम के सिलसिले में भूतियाबे बांध पर गया था । वहां पर ग्यारहवीं (घाटा) के क्रिया कर्म करने के बाद बांध में नहाने के लिए उतरा । नहाने के समय  जगदीश पानी की गहराई अंदाज नहीं लगा पाया आगे निकल गया जहां सास फूल गई और गहरे पानी में चला गया और वापस बाहर नहीं आया ।

“प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने निकाला शव”

जगदीश के काफी देर तक बाहर नहीं आने पर वहां मौजूद लोगों को चिंता हुई । लोगों ने पानी में उसकी काफी तलाश की,लेकिन सफलता नहीं मिली, तुरंत घटना की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई, सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंची । स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय राजगढ़ से विशेष रेस्क्यू टीम को बुलवाया गया । रेस्क्यू टीम के गोताखोरों ने मोटर बोट और उपकरणों की मदद से करीब डेढ़-दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद युवक के शव को पानी से बाहर निकाला ।

“पीछे रोती-बिलखती छूटी दो मासूम बेटिया”

इस दर्दनाक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में मातम छा गया है । बताया जा रहा है कि जगदीश का विवाह आठ साल पहले हुआ था, उसकी दो छोटी बेटियां हैं जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है । इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है,काका की मृत्यु की ग्यारहवीं का कार्यक्रम भतीजे की मौत में बदलने से हर किसी की आंखें नम हैं ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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