
देहात थाना पुलिस ब्यावरा की त्वरित कार्रवाई,संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाते से उड़ाए पैसे, पुलिस ने शत प्रतिशत रिकवरी कर पेश की मिसाल ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- साइबर अपराधों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है । पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी ब्यावरा प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में थाना ब्यावरा (देहात) पुलिस ने तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है,पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फरियादिया के खातों से ठगी गई 2 लाख 95 हजार रु की संपूर्ण राशि (100% रिकवरी) सकुशल बरामद कर ली है ।
“संदिग्ध लिंक क्लिक करते ही साफ हुआ था खाता”
श्रीमती राधिका देवी पति गोपाल सिंह खीची निवासी श्रीराम कॉलोनी, ब्यावरा ने थाना ब्यावरा (देहात) में शिकायत दर्ज कराई थी की 9 मई को एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक होने के कारण उनके एयू बैंक खाते और उनके पति के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खाते से अज्ञात बदमाशों ने धोखाधड़ी कर कुल राशि 2 लाख 95 हजार उड़ा दिए थे । पुलिस ने अपराध क्रमांक 165/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी ।
“बैंक से समन्वय कर रोकी राशि, भोपाल और राजस्थान से दबोचे आरोपी”
मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई और संबंधित बैंकों से तालमेल बिठाकर 1 लाख रुपए की राशि को तुरंत होल्ड (फ्रीज) कराई। इसके बाद तकनीकी और साइबर सेल की मदद से आरोपियों को ट्रेस किया गया 3 जून को पुलिस ने राजस्थान के जयपुर और अलवर से दो आरोपियों सुनील मीना (22 वर्ष) और छगनलाल यादव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर उनके पास से 95 हजार रूपये बरामद किए ।10 जुलाई को पुलिस ने मुखबिर और तकनीकी इनपुट के आधार पर तीसरे मुख्य आरोपी अयान खान (23 वर्ष) को भोपाल के तलैया क्षेत्र से धरदबोचा और शेष राशि भी बरामद कर ली ।
“मोबाइल और नगदी समेत कुल ₹3.35 लाख का मशरूका जब्त”
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त सामग्री और नगदी बरामद की है:
नगदी राशि 2 लाख 95 हजार रूपये ठगी गई शत-प्रतिशत राशि ।
स्मार्टफोन: 02 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (वारदात में इस्तेमाल), अनुमानित कीमत करीब ₹40,000
“टीम की सराहनीय भूमिका” इस अंधे कत्ल जैसी तकनीकी ठगी का पर्दाफाश करने और पीड़ित परिवार की खून-पसीने की कमाई वापस दिलाने में थाना प्रभारी ब्यावरा (देहात) उप निरीक्षक प्रवीण जाट, उप निरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा, प्रधान आरक्षक चंद्रमोहन वघेल, प्रधान आरक्षक शशांक यादव, आरक्षक रविन्द्र जाट एवं आरक्षक प्रवीण यादव की विशेष और सराहनीय भूमिका रही,वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की इस सफलता पर पीठ थपथपाई है ।










