
जामुनिया पुरा में पसरा मातम,बिना सुरक्षा घेरे के छोड़ दिया था पानी से लबालब गड्ढा,पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता प्रक्रियाधीन,पर माँ-बच्चों को कौन लौटाएगा ?
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- राजगढ़ जिले के ब्यावरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जामुनिया पुरा में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है । यहाँ गिट्टी और अवैध उत्खनन के लिए खोदे गए एक विशाल और गहरे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई । मृतकों में दो सगे मासूम बच्चे और उनकी माँ शामिल हैं’ इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है ।
“खेल-खेल में हुआ हादसा, बचाने कूदी थी मां”
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जामुनिया पुरा निवासी दो मासूम बच्चे घर के पास ही खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे अचानक पानी से लबालब भरे गहरे गड्ढे के नजदीक चले गए और पैर फिसलने के कारण उसमें डूबने लगे । बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास ही काम कर रही माँ उन्हें बचाने के लिए दौड़कर आई । ममता के वश में होकर माँ ने बिना अपनी जान की परवाह किए बच्चों को निकालने के लिए गहरे पानी में छलांग लगा दी । कटीली मिट्टी और गड्ढे की अत्यधिक गहराई होने के कारण तीनों पानी के दलदल में फंस गए और तड़प-तड़प कर तीनों की मौके पर ही मौत हो गई ।
“मौत का कुआं साबित हुआ बिना बैरिकेडिंग का गड्ढा”
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर संचालकों और ठेकेदारों द्वारा गिट्टी निकालने के लिए यहाँ नियमों को ताक पर रखकर गहरा गड्ढा खोदा गया था । उत्खनन के बाद ठेकेदार ने इस खतरनाक गड्ढे को खुला ही छोड़ दिया हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण इस गड्ढे में कई फीट पानी भर गया, जिसने एक ‘डेथ ट्रैप’ का रूप ले लिया । नियमानुसार इस तरह के निर्माण या खनन क्षेत्रों के चारों ओर सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) और चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे ।
“पुलिस ने किया मर्ग कायम, पोस्टमार्टम के बाद सौंपे शव”
घटना की भनक लगते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई । सूचना मिलने पर ब्यावरा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे । स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद तीनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया । पुलिस ने इस मामले में तत्काल मर्ग कायम कर वैधानिक जांच शुरू कर दी है,ब्यावरा सिविल अस्पताल में तीनों शवों का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद, उन्हें अंतिम संस्कार के लिए गमगीन परिजनों को सौंप दिया गया है ।
“हमे मुआवजा नहीं,दोषियों की गिरफ्तारी चाहिए”
इस दर्दनाक हादसे के बाद जामुनिया पुरा और आसपास के गांवों में भारी तनाव का माहौल है । ग्रामीणों का कहना है कि शासन से मिलने वाली सहायता राशि तो एक तय नियम है, लेकिन असली न्याय तब होगा जब लापरवाही बरतने वाले जमीन मालिक और अवैध रूप से गड्ढा खोदकर खुला छोड़ने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा । ब्यावरा प्रशासन अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि यह गड्ढा किसकी अनुमति से खोदा गया था और सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे ।










