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जीरापुर की जीवनदायिनी छापी डैम में घुल रहा ‘कत्लखाने का जहर’ चौकीदार के भरोसे फिल्टर प्लांट !

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कुंभकर्णी नींद में सोया नगर परिषद प्रशासन; गंदा पानी, जानलेवा गड्ढे और आवारा सांडों के खूनी दंगल से शहर बेहाल; कांग्रेस ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम ।

 घनश्याम शर्मा माचलपुर 

 राजगढ़ / माचलपुर :- जीरापुर नगर परिषद इस समय घोर प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही के दौर से गुजर रहा है । आलम यह है कि शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर आम जनता की दर्जनों शिकायतों और स्थानीय मीडिया में लगातार छपे समाचारों के बाद भी जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं । ऐसा प्रतीत होता है कि नगर परिषद प्रशासन किसी बड़ी जनहानि या महामारी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है । इन तमाम सुलगते मुद्दों को लेकर नगर कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक अध्यक्ष सतनारायण सरवत, नगर अध्यक्ष तरुण कुमार चौबे और नेता प्रतिपक्ष कुशल कुशवाहा के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को एक बेहद तीखा ज्ञापन सौंपकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है ।

डैम में जहर घोल रहा स्लाटर हाउस,चौकीदार चला रहा फिल्टर प्लांट

ज्ञापन में सीधे तौर पर शहर की जीवनदायिनी छापी डैम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए हैं । डैम के ठीक किनारे संचालित हो रहे स्लाटर हाउस (कत्लखाने) का सारा अपशिष्ट,ख़ून और गंदगी सीधे नालियों के जरिए बांध के पानी में मिल रही है,विडंबना देखिए कि इसी दूषित और बदबूदार पानी को पूरा शहर पीने को विवश है । रही-सही कसर फिल्टर प्लांट पूरी कर रहा है,जहाँ पानी साफ करने के नाम पर घटिया दर्जे के केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है । कांग्रेस का आरोप है कि करोड़ों का यह फिल्टर प्लांट किसी प्रशिक्षित तकनीशियन के बजाय महज एक ‘चौकीदार’ के भरोसे चल रहा है । वॉटर बॉक्स महीनों से साफ नहीं हुए हैं और उनके लीकेज वाल्वों से रिसते पानी में मिट्टी मिलकर घरों तक पहुंच रही है ।

सड़कों पर ‘मौत के कुएं’ और आवारा सांडों का खूनी तांडव

पेयजल के अलावा शहर की दूसरी सबसे बड़ी मुसीबत यहाँ की सड़कों और आवारा पशुओं का आतंक है । जीरापुर का कोई भी प्रमुख चौराहा या गली-मोहल्ला ऐसा नहीं बचा है जहाँ गहरे और जानलेवा गड्ढे न खुदे हों । बारिश के इस मौसम में ये गड्ढे हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं इसके साथ ही,सड़कों पर आवारा सांडों के खूनी दंगल से आए दिन राहगीर और वाहन चालक घायल होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं,हर वार्ड में सूअरों के जमावड़े ने गंदगी और संक्रमण को चरम पर पहुंचा दिया है ।

मानसून में भी नप के पास ‘बचाव’ का कोई रोडमैप नहीं

बारिश का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन नगर परिषद ने अब तक नालियों की सुध नहीं ली है। चोक पड़ी नालियों के कारण सड़न और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है । कांग्रेस ने मांग की है कि सभी वार्डों की नालियों को तुरंत साफ कराकर उनमें उच्च गुणवत्ता वाले फिनाइल और डीडीटी (DDT) पाउडर का छिड़काव किया जाए, ताकि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों को फैलने से रोका जा सके ।

ज्ञापन सौंपने के दौरान यह दिग्गज रहे उपस्थित

जनता की इस लड़ाई में कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि सड़कों पर उतरे । ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप ब्लॉक कांग्रेस सत्यनारायण सारावत,नगर अध्यक्ष तरुण कुमार चौबे, नेता प्रतिपक्ष कुशल कुशवाहा, पूर्व पार्षद निक्कू भावसार,पूर्व पार्षद वहीद शाह,पूर्व पार्षद गिरिराज जी जिराती, जनपद सदस्य चंद्र सिंह किरार, किसान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष राजाराम पाटीदार, और किसान कांग्रेस जिला सचिव चंद्र सिंह गुर्जर मौजूद थे।इनके साथ ही दीपक जायसवाल, पवन सेन, गोविंद चौहान, निरंजन ट्रेलर, चैन सिंह गुर्जर, एडवोकेट विष्णु गुर्जर, विनोद राठौड़, रजनीश राठौर, शिव सिंह पटेल, मंडलम अध्यक्ष भगवान मालवीय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आक्रोशित नगरवासी उपस्थित रहे ।

चेतावनी,जल्द नहीं सुधरे हालात, तो चक्काजाम करेंगे

कांग्रेसियों द्वारा साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता और पत्रकारों के आलेखों को नजरअंदाज करने की नप की आदत अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी । यदि अगले एक सप्ताह के भीतर स्लाटर हाउस को हटाने,फिल्टर प्लांट सुधारने, गड्ढे भरने और आवारा पशुओं से निजात दिलाने की ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई,तो कांग्रेस उग्र जन-आंदोलन और चक्काजाम के लिए बाध्य होगी,जिसकी पूरी जवाब देही नगर परिषद प्रशासन की होगी ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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