
स्मार्ट मीटर के ‘करंट’ से झुलसी जनता,बढ़े हुए बिल और बिना सूचना बत्ती गुल होने से फूटा आक्रोश,बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारे बाजी ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ /माचलपुर :- मध्यप्रदेश में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जिले में तेजी से थोपी जा रही स्मार्ट मीटर परियोजना के खिलाफ मंगलवार को जिला मुख्यालय राजगढ़ के बिरसा मुंडा मुख्य चौराहे पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा । सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए आक्रोशित उपभोक्ताओं जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थी ने बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की तथा अपने घरों से निकाल कर लाए गए स्मार्ट मीटरों को चौराहे के बीचों-बीच पटक कर फोड़ दिया । इस हंगामे के चलते व्यस्ततम चौराहे पर करीब आधे घंटे तक चक्काजाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई ।
🚨 मुख्य चौराहे पर बढ़ा तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा”
इस घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और बिजली विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे । प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी द्वारा तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाकर जबरन घरों में प्रीपेड मीटर लगा रही है । जब जनता ने इसका शांति पूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया तो उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा । पुलिस प्रशासन ने सूझबूझ से काम लेते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और यातायात बहाल कराया ।
🔥 जन-आक्रोश के तीन मुख्य कारण, क्यों सुलग रही है राजगढ़ की जनता ?अप्रत्याशित बिल:- उपभोक्ताओं का दावा है कि नए मीटर लगते ही मासिक बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं ।
प्रीपेड का संकट:- मोबाइल की तरह रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी पूर्व चेतावनी या नोटिस के रात-बिरात बिजली काट दी जाती है ।
पारदर्शिता का अभाव :,- कागजी बिल बंद होने से बुजुर्ग, ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग मोबाइल पर डिजिटल बिल नहीं देख पा रहे हैं ।
👥 आंदोलन में महिलाओं की हुंकार, विपक्ष का समर्थन”
राजगढ़ जिला मुख्यालय के वार्डों (जैसे तलेन और इंग्ले कॉलोनी) से शुरू हुआ यह विरोध अब पूरे शहर में फैल चुका है । हाल ही में इंग्ले कॉलोनी में महिलाओं ने बिजली कंपनी की टीम को खदेड़ दिया था । इस जन-आंदोलन को अब राजनीतिक दलों का भी खुला समर्थन मिल रहा है,विपक्षी नेताओं ने इसे ‘जनता की जेब पर डाका’ बताते हुए कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर इस योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की है ।
⚖️ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में विभाग”
बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री (EE) का कहना है कि मीटरों में कोई तकनीकी खराबी नहीं है, कुछ असामाजिक तत्व भ्रम फैला रहे हैं । विभाग ने मुख्य चौराहे पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ वीडियो फुटेज के आधार पर नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पुलिस को आवेदन दिया है । तनाव को देखते हुए शहर के कुछ संवेदनशील वार्डों में फिलहाल मीटर लगाने का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है ।










