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आस्था की धरा पर बरसी विकास की गंगा,सीएम डॉ. यादव ने भैंसवा माता में किया ₹352 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण ।

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भैंसवा माता मंदिर के प्रस्तावित भव्य स्वरूप को देखा,जल संरक्षण में प्रदेश में टॉप-7 में आने पर राजगढ़ की जनता को दी बधाई ।

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घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़ / माचलपुर :-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखंड के अंतर्गत सुप्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर परिसर में आयोजित भव्य समारोह में शिरकत की । इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले के विकास के लिए 352 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्र को बड़ी सौगातें दीं । कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल तथा क्षेत्रीय सांसद रोडमल नागर ,विधायक मोहन शर्मा, अमरसिंह यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर, विधायक हजारीलाल दांगी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।

“आदिवासी नृत्य और कलश सिर लिए नन्ही बालिकाओं ने किया स्वागत”

जल गंगा सर्वधन अभियान के समापन अवसर पर भैंसवा माता मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का पारंपरिक एवं बेहद आत्मीय स्वागत किया गया । मंदिर के प्रवेश द्वार पर आदिवासी नृत्य दल ने पूरे उत्साह उमंग के साथ आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया । साथ

“वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दर्शन पूजन कर मंदिर के नए स्वरूप का अवलोकन किया”
कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री यादव दोपहर ठीक 1 बजकर 45 मिनिट पर मंदिर पहुंचे । उन्होंने मां बिजासन के दर्शन कर श्रद्धा भक्ति भाव से विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली प्रार्थना की । पूजन के बाद डॉ यादव ने भैंसवा मंदिर के प्रस्तावित स्वरूप का अवलोकन किया और जानकारी प्राप्त की । इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक “दूध तलैया’ में गंगा पूजन किया गौ पूजन कर आशीर्वाद लिया परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया ।

“भाषण के मुख्य बिंदु डिजिटल नवाचारों की शुरुआत”

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार जल संरक्षण, सतत विकास और पर्यावरण संतुलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है । उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना ही सरकार का मुख्य ध्येय है ,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में जल संरचनाओं के संरक्षण के मामले में राजगढ़ जिले को पूरे प्रदेश में टॉप-7 (शीर्ष सात जिलों) में शामिल होने पर बधाई दी । उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का संकल्प दोहराया और ग्रामीण रोजगार को नई ताकत देने के लिए
“विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G)” का रोडमैप साझा किया । इस अवसर पर राजगढ़ जिले को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए:जिले की विशेष पर्यटन फिल्म का अनावरण किया गया,राजगढ़ की धरोहरों को समेटे कॉफी टेबल बुक और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को लॉन्च किया गया ।जिले में कराए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।समारोह के अंत में मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत सैकड़ों हितग्राहियों को मंच से सीधे हितलाभ और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए ।
“प्रदर्शनी का अवलोकन और डिजिटल नवाचारों की शुरुआत”

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0’ की विशेष प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया,उन्होंने जिले में संचालित जल संरक्षण और पर्यावरणीय नवाचारों की सराहना की । इस अवसर पर राजगढ़ जिले को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए जिले की विशेष पर्यटन फिल्म का अनावरण किया गया ।राजगढ़ की धरोहरों को समेटे कॉफी टेबल बुक और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को लॉन्च किया गया ।जिले में कराए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया ।

“सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भव्य वाटरप्रूफ डोमविशाल वाटरप्रूफ पंडाल”

मानसून की संभावना को देखते हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल पर भव्य वाटरप्रूफ डोम (पंडाल) तैयार किया गया था, ताकि तेज बारिश में भी आम जनता और हितग्राहियों को परेशानी न हो ।
कड़े सुरक्षा घेरे: मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर और सभा स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था । चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा जांच द्वारों (मेटल डिटेक्टर) से निगरानी रखी गई ।
सुचारू पार्किंग व्यवस्था: कार्यक्रम में आने वाले हजारों ग्रामीणों, वीआईपी और मीडिया वाहनों के लिए मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर अलग-अलग व्यवस्थित पार्किंग जोन बनाए गए थे ।

“आम जनता और वीआईपी के लिए सुविधाएं”
ठंडे पेयजल की व्यवस्था: भीषण उमस और गर्मी से राहत देने के लिए पूरे पंडाल में जगह-जगह ठंडे पानी के स्टॉल और वाटर कूलर लगाए गए थे।
बैठक व्यवस्था: पंडाल के भीतर महिलाओं, बुजुर्गों, वीआईपी मेहमानों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों (लाभार्थियों) के लिए अलग-अलग बैठक दीर्घाएं (ब्लॉक) बनाई गई थीं ।ग्रीन रूम और सेफ हाउस: वीआईपी और मुख्यमंत्री के विश्राम व प्रशासनिक बैठकों के लिए मंदिर परिसर के पास ही अस्थायी ग्रीन रूम और सेफ हाउस का निर्माण किया गया था ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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