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मन की बात में गूंजा ब्यावरा, पीएम मोदी ने सराहा बहनों का संकल्प, 20 टन प्लास्टिक समेटकर शहर को दी ‘हरित पहचान, ।

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कचरे से कंचन,किसी सरकारी तंत्र का इंतजार किए बिना खुद आगे आईं ब्यावरा की बहनें,पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति’ और प्रशासन के साझा प्रयासों से जन-आंदोलन बनी मुहिम,700 ‘इको ब्रिक्स’ से संवर रहे शहर के पार्क और चौराहे ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़ / माचलपुर :-मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले का ब्यावरा शहर आज राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक गौरव और सम्मान का गवाह बना । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ब्यावरा के ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ का विशेष रूप से उल्लेख किया । पीएम मोदी ने शहर को स्वच्छ बनाने में जुटी स्थानीय बहनों और ‘पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति’ के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए पूरी टीम को बधाई दी,उन्होंने इसे जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन का एक उत्कृष्ट उदाहरण और पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया । यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब समाज, प्रशासन और नागरिक मिलकर परिवर्तन का संकल्प लेते हैं, तब एक स्थानीय पहल भी राष्ट्रीय पहचान बनकर पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है ।

“सीमित संसाधनों में मिसाल: 700 ईको ब्रिक्स से चमका शहर”

पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति ने सीमित संसाधनों के बावजूद पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर एक मिसाल कायम की है। समिति के संयोजक श्री अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में टीम ने पिछले कुछ महीनों में नगर से 20 टन से अधिक प्लास्टिक एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरे का सुरक्षित संग्रहण किया है।इस मुहिम के तहत अब तक 700 से अधिक ईको ब्रिक्स तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 240 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथीन का सुरक्षित पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) किया गया है। प्रत्येक ईको ब्रिक्स को बनाने में 300 से 400 ग्राम प्लास्टिक कचरे को कंप्रेस करके भरा जाता है ।

“कचरे से कंचन, बना ‘आई लव ब्यावरा’ सेल्फी पॉइंट ”

जो प्लास्टिक कभी शहर के लिए प्रदूषण का कारण था, आज वही सुंदरता का माध्यम बन गया है,इन ईको ब्रिक्स की मदद से नगर में आकर्षक ‘आई लव ब्यावरा’ सेल्फी पॉइंट, पेड़ों की सुंदर क्यारियां और ट्री गार्ड बनाए गए हैं । इसके अलावा, समिति ने पुनर्चक्रित प्लास्टिक की मदद से दो क्विंटल से अधिक प्लास्टिक का उपयोग कर ट्री गार्ड जाली और डस्टबिन भी तैयार किए हैं । यह पहल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की अवधारणा को साकार करते हुए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भविष्य में रोजगार सृजन की नई संभावनाओं का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है ।

“प्रशासन का सतत मार्गदर्शन और नगर पालिका का संस्थागत सहयोग”

इस अभिनव पहल को व्यापक स्वरूप देने में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के सतत मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । वहीं,मुख्य नगर पालिका अधिकारी इकरार अहमद के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद ब्यावरा ने अभियान को निरंतर संस्थागत सहयोग प्रदान किया है । नगर पालिका द्वारा प्लास्टिक संग्रहण, जन जागरूकता गतिविधियों, स्वच्छता अभियानों तथा इको ब्रिक्स से निर्मित संरचनाओं को सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ावा देकर इस नवाचार को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया । नगर पालिका का उद्देश्य इस सफल मॉडल को जिले के अन्य नगरीय निकायों एवं उपखंडों तक विस्तार देकर प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ एवं हरित राजगढ़ की दिशा में प्रभावी पहल करना है ।

“जन-आंदोलन बनी ब्यावरा की मुहिम”

संस्था के सदस्य तरुण सेन ने बताया कि वर्तमान में लगभग 40 से 50 युवाओं और महिलाओं की टीम प्रतिदिन स्वैच्छिक रूप से इस अभियान में श्रमदान कर रही है । नागरिकों की सुविधा के लिए शहर में ‘प्लास्टिक बैंक’ और ‘बोतल बैंक’ स्थापित किए गए हैं,जहां लोग आसानी से प्लास्टिक जमा करा सकते हैं । इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत ब्यावरा की जनता की सहभागिता है शहर की गृहिणियां अपने घरों की पॉलीथीन अलग से सहेज कर रख रही हैं । स्थानीय व्यापारी अपनी दुकानों का प्लास्टिक कचरा संस्था को सौंप रहे हैं और युवा रोज़ाना अपना कीमती समय निकालकर इस मिशन से जुड़ रहे हैं,प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा की बहनों के इस संकल्प को सराहने के बाद पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है और स्थानीय नागरिकों का हौसला कई गुना बढ़ गया है ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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