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बच्चों के अभिनय ने झकझोरा,नुक्कड़ नाटक से दिया बाल विवाह और नशे के खिलाफ कड़ा संदेश ।

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राजगढ़ का परायण चौक बना सामाजिक चेतना का गवाह, स्वास्थ्य विभाग ने सिखाया- कैसे बचाएं अचानक रुकती सांसें ।

जिला ब्यूरो घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़ / माचलपुर :- राजगढ़ में 18 जून स्थानीय विकास खंड राजगढ़ के अंतर्गत आने वाले परायण चौक पर आयोजित त्रि-दिवसीय जनकल्याण शिविर का समापन बेहद ऐतिहासिक और संदेश परक रहा । शिविर के तीसरे दिन पूरा परायण चौक सामाजिक चेतना और जनजागरूकता के रंग में रंगा नजर आया । कार्यक्रम का मुख्य ध्येय समाज में फैली सदियों पुरानी कुरीतियों पर प्रहार करना, नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना और युवा पीढ़ी को खोखला कर रहे नशे के जाल से मुक्त कराना रहा । इस दौरान विभिन्न शासकीय विभागों सहित स्वयं सेवी संस्थाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई ।

“मासूमों ने मंच से उठाई आवाज,बताया,कानूनी अपराध है बाल विवाह”

शिविर के मुख्य आकर्षण ग्रामीण क्षेत्रों से आए छोटे-छोटे बच्चे रहे, जिन्होंने अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर केंद्रित एक मर्म स्पर्शी नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी । बच्चों ने अपने जीवंत अभिनय से दिखाया कि कैसे कम उम्र में विवाह करने से बेटियों का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है । नाटक के माध्यम से न केवल बाल विवाह के भयानक दुष्परिणामों को रेखांकित किया गया, बल्कि ग्रामीणों को कड़े कानूनी प्रावधानों और जेल की सजा से जुड़े नियमों के प्रति भी जागरूक भी किया गया ।

“स्वास्थ्य विभाग की अनूठी पहल: नाट्य रूपांतरण से सीखी’सीपीआर’की बारीकियां”

अक्सर देखा जाता है कि सड़क हादसों या अचानक दिल का दौरा पड़ने पर लोग घबरा जाते हैं,इसी समस्या के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक अनोखा नाट्य प्रदर्शन किया । डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने मंच पर आपात कालीन परिस्थितियों का सजीव चित्रण करते हुए जीवन रक्षा तकनीक ‘सीपीआर’ (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक प्रदर्शन किया । उपस्थित नागरिकों को सिखाया गया कि यदि किसी व्यक्ति की सांस या धड़कन अचानक रुक जाए, तो अस्पताल ले जाने से पहले शुरुआती कुछ मिनटों में छाती को दबाकर और कृत्रिम सांस देकर उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है ।

“बर्बाद होते परिवारों का दर्द देख भावुक हुए लोग, लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प”

इसी क्रम में अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी के बाल कलाकारों ने नशा मुक्ति विषय पर एक और प्रभाव शाली नाटक पेश किया । इस प्रस्तुति में नशे की लत के कारण आर्थिक रूप से तबाह होते परिवारों और बच्चों के अंधकार मय भविष्य की हकीकत को बखूबी पर्दे पर उतारा गया । इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं, नाटक के अंत में शिविर में उपस्थित सैकड़ों नागरिकों ने समाज को नशामुक्त बनाने और इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाने का संकल्प लिया ।
“जनता ने सराहा ऐसे आयोजन ही लाएंगे समाज में बदलाव”
कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और महिलाओं ने बच्चों तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम की जमकर पीठ थपथपाई । ग्रामीणों का कहना था कि पारंपरिक भाषणों की तुलना में इस तरह के नुक्कड़ नाटक सीधे दिल पर असर करते हैं। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे प्रेरणा दायक शिविरों का आयोजन भविष्य में भी लगातार ग्रामीण अंचलों में किया जाना चाहिए ।

 

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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