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महादेव-पार्वती के सात फेरो का साक्षी बाघा बाल्डी और बड़ा तालाब पर माफिया का बुलडोजर,सो रहा था प्रशासन !

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अवैध उत्खनन से शिव-पार्वती के सात फेरों के पौराणिक साक्ष्यों को मिटाने की साजिश,रसूखदार ठेकेदार की एलएनटी और बिना नंबर के डंपरों ने रातभर मचाया तांडव ।

घनश्याम शर्मा

राजगढ़/माचलपुर :- नगर का ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र ‘बड़ा तालाब’ केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि दिव्य मान्यताओं का जीवित स्वरूप है,सनातन संस्कृति के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती ने इसी तालाब के समीप स्थित ‘बाघा बाल्डी’ पर विवाह के सात फेरे लिए थे । इस अलौकिक विवाह के साक्ष्य और फेरों के चिन्ह आज भी यहाँ साक्षात मौजूद हैं साथ बारातियों के लिए बनाए चावल को उक्त तालाब धोया था इसलिए आज भी तालाब का आधा पानी चावल के मान जैसा रहता है । लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि इस परम पवित्र पौराणिक धरोहर को अब स्थानीय खनन माफियाओं की गिद्ध दृष्टि लग चुकी है और रसूखदार भू-माफिया चंद रुपयों के लालच में इस दिव्य धरा का वजूद मिटाने पर तुले हैं । स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे रात के अंधेरे में तालाब का सीना चीरकर अवैध उत्खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है, जिस संपदा की रक्षा की जिम्मेदारी स्वयं नगर परिषद की है क्योंकि ये संपदा नगर परिषद की है, वह भी मूकदर्शक बनकर इस विनाश को देख रही है । वहीं, राजस्व विभाग की रहस्यमयी खामोशी भी अपराधियों को मौन संरक्षण देने जैसी प्रतीत हो रही है,जिम्मेदार अधिकारियों की घोर अनदेखी के चलते दिन-रात मुरम का अवैध खनन जारी है,जिससे न केवल पर्यावरण खतरे में है, बल्कि सनातनियों की सरकार के रहते हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं ।
“पौराणिक धरोहर पर संकट”

भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के सात फेरों की साक्षी रही ‘बाघा बाल्डी’ और बड़े तालाब का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बिगाड़ा जा रहा है ।

“आधी रात को तांडव”

गुरुवार मध्य रात्रि को नगर के एक बड़े रसूखदार ठेकेदार की एलएनटी मशीन और विशालकाय डंपर तालाब के कैचमेंट एरिया में अवैध खुदाई करते कैमरे में कैद हुए ।

“बिना नंबर के वाहन”

उत्खनन और परिवहन में लगे कई डंपरों पर नंबर प्लेट तक गायब थी, जो परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध कारोबार को छिपाने की कोशिश है ।

“अधिकारियों की कथित ‘व्यस्तता”

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कस्बा पटवारी और तहसीलदार साहब को काम की अधिकता के कारण अपनी नाक के नीचे चल रहा यह भीषण अवैध खनन दिखाई नहीं दे रहा है ।

“पुरातत्व को नुकसान”

माफिया केवल तालाब की मिट्टी ही नहीं, बल्कि नगर की पुरातात्विक और धार्मिक महत्व वाली पहाड़ियों को भी छलनी कर रहे हैं ।

“जिम्मेदार अधिकारियों के वर्जन (पक्ष)”

“नगर परिषद द्वारा बड़े तालाब या इसके आस-पास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के खनन या मिट्टी-मुरम निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। यह पूरी तरह अवैध है।”—
देवेंद्र वत्स, मुख्य नगर परिषद अधिकारी (CMO), माचलपुर

“यह मामला गंभीर है और आपके माध्यम से यह पूरी जानकारी अभी मुझे प्राप्त हुई है। मैं तुरंत इस पूरे मामले की जांच करवाता हूँ और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— कपिल शर्मा, नायब तहसीलदार, माचलपुर

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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