
आस्था का अनूठा अनुष्ठान, सारंगपुर मुक्तिधाम में परिक्रमा के लिए उमड़ी भारी भीड़,महामहोत्सव के साथ 23 जून को विराजेंगे पवन पुत्र ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़/ माचलपुर :- जब आसमां से बरसती आग और चिलचिलाती धूप में आम जनमानस घरों में दुबकने को मजबूर है, ठीक उसी वक्त सारंगपुर के मुक्तिधाम (श्मशान) की तप्त भूमि पर अगाध आस्था का एक विस्मयकारी अध्याय लिखा जा रहा है । उज्जैन की पावन धरा से आए अघोर पंथ के साधक योगी जयेश महाराज इन दिनों पंचतत्वों को चुनौती देते हुए ‘अग्नि साधना’ में लीन हैं । श्मशान के सन्नाटे को चीरते हुए 11 विभिन्न स्थानों पर सुलगती धूनियों के बीच बैठकर महाराज अलौकिक तपस्या कर रहे हैं, दोपहर की भीषण तपन और धधकते अंगारों के इस हैरतअंगेज संगम को साक्षात अपनी आँखों से निहारने और अध्यात्म की इस पराकाष्ठा का साक्षी बनने के लिए पूरे अंचल से हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है । लोग श्रद्धावनत होकर इस दिव्य साधना स्थल की परिक्रमा कर रहे हैं ।
“30 दिन का संकल्प,गंदगी की जगह खड़ा हुआ भव्य देवालय”
इस कठिन और विहंगम साधना के पीछे हनुमान भक्ति का एक बड़ा संकल्प छिपा है, पूर्व में जिस स्थान पर पवनपुत्र की प्रतिमा उपेक्षित अवस्था में थी, वहां गंदगी और नाली के कारण अव्यवस्था का माहौल था । क्षेत्र भ्रमण पर निकले योगी जयेश महाराज ने जब इस दुर्दशा को देखा,तो उनकी आध्यात्मिक चेतना आहत हुई और उन्होंने इस पर अपनी गहरी विरक्ति जताई । महाराज के इसी आत्मिक झक झोरने का असर था कि सारंगपुर के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं और ग्रामीणों ने इसे मान-सम्मान का प्रश्न बना लिया । इसके बाद शुरू हुआ सामूहिक श्रमदान और जनसहयोग का वो कारवां, जिसने मात्र 30 दिनों के रिकॉर्ड समय में एक भव्य हनुमान मंदिर को धरातल पर साकार कर दिया ।
‘सप्तदिवसीय धार्मिक महायज्ञ से गूंज उठा अंचल, 23 को प्राण-प्रतिष्ठा”
मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद अब आगामी 23 जून को गर्भगृह में मारुति नंदन की दिव्य प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा का महापर्व आयोजित होने जा रहा है । इस पावन अवसर पर संपूर्ण क्षेत्र को धार्मिक रंग में सराबोर करने के लिए सात दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव का आगाज हो चुका है। अनुष्ठान के तहत वेदमूर्तियों और आचार्यों की देखरेख में प्रतिदिन मंत्रोच्चार, यज्ञ-हवन और विशेष आहुतियां दी जा रही हैं । पूरा वातावरण शंखध्वनि और वैदिक मंत्रों से गुंजायमान है,अध्यात्म के इस केंद्र पर दिग्गजों की हाजिरीक्षेत्र में फैली इस दिव्य तपस्या और धार्मिक अनुष्ठान की गूंज के बीच आम जनमानस के साथ-साथ क्षेत्र के वरिष्ठ राजनेता और जनप्रतिनिधि भी खिंचे चले आ रहे हैं । इसी कड़ी में पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों ने मुक्तिधाम पहुंचकर प्रज्ज्वलित धूनियों की परिक्रमा की और महाराज का आशीर्वाद लिया । ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि श्मशान की इस पवित्र भूमि पर हो रही तपस्या और यज्ञ की पूर्णाहुति पूरे क्षेत्र में सुख, समृद्धि और खुशहाली का नया सवेरा लेकर आएगी ।










