
बीमारी बढ़ने का न करें इंतजार, शुरुआती प्रबंधन से बचाएं खरीफ की फसल :- डॉ. शिवहरे ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- विकासखंड नरसिंहगढ़ की ग्राम पंचायत मंडावर में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत एक विशेष किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को खरीफ फसलों के बेहतर प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक जानकारियां दी गईं । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञ के रूप में पहुंचे भारत सरकार के दलहन विकास निदेशालय के डॉ. अर्जुन कुमार शिवहरे तथा कृषि विज्ञान केंद्र राजगढ़ के डॉ. कौशिक ने किसानों का मार्गदर्शन किया । कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों में बीमारी और कीटों का प्रकोप बढ़ने का इंतजार न करें, बल्कि प्रारंभिक अवस्था से ही सही प्रबंधन अपनाएं। इसके साथ ही खेतों में संतुलित उर्वरक (खाद) का उपयोग करने और मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही कृषि कार्य करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
“बीज उपचार और जैविक नियंत्रण पर जोर”
विशेषज्ञों ने दलहनी फसलों की उन्नत खेती के तरीके बताते हुए कहा कि बुआई से पहले बीज उपचार करना सबसे जरूरी कदम है। उन्होंने किसानों को रासायनिक दवाओं के साथ-साथ जैविक नियंत्रण उपायों और आधुनिक फसल संरक्षण तकनीकों की जानकारी दी। वैज्ञानिकों के अनुसार, सही समय पर किया गया प्रबंधन फसलों को भारी नुकसान से बचाता है और सीधे तौर पर उत्पादन में वृद्धि करता है ।
“किसानों की शंकाओं का हुआ वैज्ञानिक समाधान”
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय किसानों ने अपनी फसलों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, अज्ञात रोगों और कीटों से जुड़ी जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के सामने रखा। कृषि वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसानों की हर समस्या का मौके पर ही सटीक समाधान किया । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी किसानों को उन्नत कृषि तकनीकें अपनाने और अपने खेतों की नियमित निगरानी करने का संकल्प दिलाया गया, इस अभियान में मंडावर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे ।










