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सारंगपुर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान: ‘नफरत फैलाने वाला हिंदुत्व असली सनातन नहीं’ !

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चंदा और वोट चोरी के दावों से गरमाई एमपी की सियासत, पूर्व सीएम बोले- ‘आस्था के लुटेरों’ को कब मिलेगी सजा ? चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे बड़े चेहरों पर दागे सीधे सवाल ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

सारंगपुर / माचलपुर :- मध्य प्रदेश की सियासत में ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ लेकर निकले कांग्रेस के चाणक्य और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सोमवार शाम जब सारंगपुर पहुंचे, तो उनके तेवर बेहद आक्रामक थे । गोपालपुरा बायपास पर स्थित घनश्याम मालवीय की पेवर्स फैक्ट्री में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक जड़ों पर प्रहार किया। उन्होंने ‘हिंदुत्व’ और ‘सनातन’ की एक बिल्कुल नई परिभाषा जनता के सामने रखते हुए भाजपा को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया ।

“चुनावी चश्मे से परे वैचारिक जंग की घोषणा”
पारंपरिक और सामान्य राजनीति से अलग हटकर पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे विचारधारा पर चोट की । उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हिंदुत्व और सनातन धर्म एक नहीं, बल्कि दो विपरीत ध्रुव हैं। सिंह के शब्दों में, “सनातन धर्म वह शाश्वत मार्ग है जो देश को सर्वधर्म समभाव,अकाट्य सत्य और अहिंसा सिखाता है। इसके विपरीत, आज जिस हिंदुत्व का ढोल पीटा जा रहा है, उसका एकमात्र मकसद समाज में नफरत का जहर घोलना है।” उन्होंने साफ किया कि यह यात्रा वोट बटोरने या सिर्फ चंदा जुटाने का सियासी तमाशा नहीं है, बल्कि सनातन के वास्तविक और पवित्र स्वरूप को पुनर्स्थापित करने की एक बड़ी लड़ाई है ।

“वोट की डकैती’ से खतरे में देश का मूल ढांचा”
पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किए । उन्होंने चेतावनी दी कि देश में ‘वोट चोरी’ का एक खतरनाक खेल चल रहा है यदि इन चुनावी अनियमितताओं पर तुरंत लगाम नहीं कसी गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई,तो वह दिन दूर नहीं जब भारत का लोकतंत्र और बाबा साहेब का बनाया संविधान पूरी तरह ध्वस्त हो जाएंगे । इसी सिलसिले में उन्होंने 1 नवंबर को होने वाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की महा-जनसभा को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए जनता से इसमें लोकतंत्र की रक्षा के लिए जुटने का आह्वान किया।

“छोटे मोहरों पर कार्रवाई से भड़के सिंह, पूछा- ‘मगरमच्छ’ कब पकड़े जाएंगे” ?
प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे धमाकेदार हिस्सा वह था जब दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर हुए कथित चंदा घोटाले पर बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे बड़े नामों पर उंगली उठा दी। इस मामले में अब तक हुई जांच को दिखावा करार देते हुए उन्होंने नाराजगी जाहिर की। सिंह ने कहा, “प्रशासन केवल छोटी मछलियों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रहा है, जबकि इस महाघोटाले के असली सूत्रधार चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे बड़े नाम हैं। इन पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप हैं, लेकिन सरकार इन्हें बचा रही है।” उन्होंने भावुक लहजे में जोड़ा कि भगवान राम के नाम पर हुए इस घपले से देश के करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को गहरा आघात लगा है ।

“मुद्दों से कटी भाजपा बनाम जोड़ती कांग्रेस”
दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस जहां बिखरते हुए समाज को धागे में पिरोने का काम कर रही है, वहीं सत्ताधारी दल के पास जनहित, महंगाई, बेरोजगारी या किसानों से जुड़ा एक भी ठोस मुद्दा नहीं है। यही कारण है कि वे केवल धार्मिक ध्रुवीकरण का सहारा ले रहे हैं।

“दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ शक्ति प्रदर्शन”
सारंगपुर की धरती पर कदम रखते ही यात्रा एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गई। राजगढ़ के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह के साथ-साथ तराना विधायक महेश परमार के रणनीतिक मार्गदर्शन में आगर रोड से लेकर पुराने बस स्टैंड तक पैर रखने की जगह नहीं थी। फैक्ट्री संचालक घनश्याम मालवीय सहित ब्लॉक कांग्रेस, युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस के सैकड़ों ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय सिंह का जोरदार स्वागत किया। शहर में रात्रि विश्राम के बाद, यह कारवां अगले दिन बिलोदा मार्ग, धनोरा और मऊ होते हुए सीधे राजगढ़ विधानसभा की ओर कूच करेगा ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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