दस्तावेजों और मौके की जमीन में अंतर का आरोप, पचोर थाने में दोनों पक्षों के आवेदन,24 अगस्त को जबलपुर ऋण वसूली अधिकरण में होगी अगली सुनवाई ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- भारतीय स्टेट बैंक की उदनखेड़ी शाखा से जुड़े एक वेयर हाउस लोन प्रकरण में विवाद गहराता जा रहा है । कुल 1 करोड़ 33 लाख रुपये के इस ऋण मामले में शिकायतकर्ता ने जहां बैंक की ऋण प्रक्रिया पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं,वहीं बैंक प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी कार्रवाई को नियमानुसार बताया है । यह हाई-प्रोफाइल मामला अब पुलिस जांच से लेकर जबलपुर स्थित ऋण वसूली अधिकरण (DRT) की चौखट तक पहुंच चुका है ।
“पति-पत्नी के नाम पर स्वीकृत हुआ था ऋण”
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसबीआई उदनखेड़ी शाखा द्वारा पटाडीया धाकड़ निवासी संतोष बाई पति दिनेश राजपूत के नाम पर 98 लाख रुपये का वेयर हाउस लोन स्वीकृत किया गया था । इसके साथ ही, संतोष बाई के पति दिनेश राजपूत के नाम पर भी अलग से 35 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ था रिश्ते में पति-पत्नी इन दोनों कर्जदारों के नाम पर कुल मिलाकर 1.33 करोड़ रुपये की राशि बैंक द्वारा जारी की गई थी,जो अब पूरी तरह विवादों के घेरे में है ।
“कागजात और मौके की स्थिति में अंतर का आरोप” शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप है कि जिस भूमि को आधार बनाकर और बंधक रखकर बैंक ने यह मोटी रकम का वेयर हाउस ऋण स्वीकृत किया है, उससे संबंधित सरकारी दस्तावेजों और मौके की वास्तविक (भौतिक) स्थिति में भारी भिन्नता है । शिकायतकर्ता ने लोन प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताते हुए संबंधित दस्तावेजों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है दूसरी ओर, एसबीआई उदनखेड़ी शाखा प्रबंधन ने अपने बचाव में कहा है कि बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति की सभी प्रक्रियाएं और गाइडलाइंस नियमानुसार पूरी की गई हैं तथा लगाए गए आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं ।
“पचोर थाने में दोनों पक्षों के आवेदन, जांच जारी”
लोन को लेकर उपजा यह विवाद अब पचोर थाने तक पहुंच गया है । मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने दावों के समर्थन में पचोर थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया को अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत किए हैं । दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं और पुलिस से निष्पक्ष व उचित कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ।
“24 अगस्त को जबलपुर DRT में टिकी निगाहें”
थाना पुलिस की जांच के साथ-साथ यह मामला समानांतर रूप से जबलपुर स्थित ऋण वसूली अधिकरण (DRT) में भी विचाराधीन है । इस बड़े वित्तीय विवाद में न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और प्रकरण की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की गई है,वित्तीय जानकारों की मानें तो इस सुनवाई में कोर्ट दोनों पक्षों के दस्तावेजों की समीक्षा कर सकता है ।
इस पूरे प्रकरण में किसी भी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है,पचोर पुलिस की स्थानीय जांच रिपोर्ट और 24 अगस्त को जबलपुर न्यायालय (DRT) की आगामी कार्यवाही के बाद ही इस करोड़ों रुपये के लोन विवाद की वास्तविक और वैधानिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी ।










