
माचलपुर ब्रह्माकुमारी आश्रम में सजाई गई मां लक्ष्मी की मनमोहक चैतन्य झांकी, आध्यात्मिक उमंग के साथ मनाया गया दीपोत्सव ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के माचलपुर सेवाकेंद्र पर दीपावली का महा-उत्सव बेहद हर्षोल्लास, उमंग और एक अनूठे आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया । सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी के पावन मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थित हर श्रद्धालु के हृदय को शांति और आनंद से सराबोर कर दिया । उत्सव के दौरान सजाई गई मां लक्ष्मी की मनमोहक झांकी आकर्षण का केंद्र रही, जिसकी सभी ने खुले दिल से सराहना की श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मां लक्ष्मी की दिव्य महाआरती भी उतारी गई ।
इस पावन अवसर पर माचलपुर प्रभारी बीके सीमा दीदी ने क्षेत्रवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली केवल दीयों का त्योहार नहीं, बल्कि यह आत्म-जागृति, स्वच्छता, पवित्रता और आने वाली स्वर्णिम सतयुगी दुनिया का यादगार संदेश है। उन्होंने गहन मेडिटेशन (राजयोग) के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को शांत स्वरूप आत्मा की गहरी अनुभूति कराई, जिससे पूरा परिसर ध्यानमग्न हो गया।
“संस्था की पवित्रता से मिला आत्मिक सुकून: सरपंच मालवीय”
कार्यक्रम में अपनी भावनाएं साझा करते हुए ग्राम नांदरी के सरपंच रामनारायण मालवीय ने कहा कि ब्रह्माकुमारी आश्रम की इस दिव्य धरा पर कदम रखते ही मन विकारों से मुक्त हो जाता है । यहाँ का अलौकिक वातावरण मनुष्य को आंतरिक सुख, परम शांति और निश्छल प्रेम की ऐसी अनुभूति कराता है, जो भौतिक दुनिया में दुर्लभ है।
“पाँच विकारों को मिटाकर अंतर्मन में ज्ञान का दीप जलाना ही सच्ची दीपावली: बीके अनीता”
पर्व के आध्यात्मिक रहस्य को उजागर करते हुए बीके अनीता दीदी ने कहा कि पाँच दिनों का यह दीपोत्सव दरअसल मानव जीवन के कायाकल्प का मार्ग है । धनतेरस हमें भौतिक धन के बजाय दिव्य गुणों और ईश्वरीय ज्ञान की सच्ची आध्यात्मिक संपत्ति कमाने की प्रेरणा देता है । नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) शरीर को नहीं, बल्कि आत्मा को विकारों की गंदगी से मुक्त कर सुंदर बनाने का संदेश है । दीपावली स्वयं को ‘आत्मा’ रूपी दीपक समझकर परमात्मा की याद से ज्ञान ज्योति जगाने का प्रतीक है।
पड़वा श्रेष्ठ संकल्पों के साथ जीवन के एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है । भाईदूज दैहिक बंधनों से परे वैश्विक भाईचारे, आत्मिक प्रेम और पवित्रता का सर्वोच्च संकल्प है। उन्होंने आह्वान किया कि इस वर्ष बाहरी दीयों के साथ-साथ अपने अंतर्मन की ज्योति जलाकर सच्ची दीपावली मनाएं ।









