
950 किमी की पदयात्रा में गूंजा लोकतंत्र और संविधान बचाने का नारा; प्रियव्रत सिंह ने कहा— ‘वसुधैव कुटुंबकम’ ही सच्चा सनातन ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़/ माचलपुर :- बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू होकर प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या तक जाने वाली ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ अपने सफर के 11वें दिन जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृह जिले राजगढ़ के मुख्यालय पहुंची, तो यह धार्मिक यात्रा एक बड़े राजनैतिक संवाद में तब्दील हो गई । हाथ में शंख और होंठों पर ‘जय सियाराम’ का नारा लेकर चल रहे दिग्विजय सिंह ने जिला मुख्यालय पर उमड़े जनसैलाब के सामने बीजेपी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला ।
मंच संभालते ही दिग्विजय सिंह ने देश में ‘चंदा चोरी’ से लेकर ‘वोट चोरी’ तक के मुद्दों पर बीजेपी को कठघरे में खड़ा किया और उपस्थित जनता से सीधे नारे लगवाकर राजगढ़ की सियासत में हलचल पैदा कर दी ।
“मंच से गूंजे तीखे नारे: ‘वोट चोर कहां मिलेंगे…..”
अपने संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह पूरी तरह आक्रामक अंदाज में नजर आए । उन्होंने वहां मौजूद लोगों से सीधे संवाद करते हुए नारे लगवाए, दिग्विजय सिंह ने मंच से पूछा— “वोट चोर कहां मिलेंगे?” तो सामने मौजूद जनसैलाब से एक सुर में आवाज आई— “बीजेपी के दफ्तर में!” इसके बाद उन्होंने फिर नारा लगवाया— “चंदा चोर कहां मिलेंगे?”, जनता ने फिर दोहराया— “बीजेपी के दफ्तर में!” इन गगनभेदी नारों से पूरा सभा स्थल गूंज उठा ।
“30 साल पुराना नारा याद दिलाया: ‘चंदे का हिसाब मांगो”
बीजेपी और संघ परिवार पर सीधा प्रहार करते हुए दिग्विजय सिंह ने अपने राजनैतिक इतिहास का पन्ना खोला । उन्होंने कहा, “साथियों, साल 1993 में मैंने एक नारा दिया था— ‘रामभक्त जागो, चंदे का हिसाब मांगो!’ मैं पिछले लगभग तीस साल से इनसे राम मंदिर और धर्म के नाम पर लिए गए चंदे का हिसाब मांग रहा हूँ। लेकिन ये हिसाब नहीं दे रहे हैं, क्योंकि इनकी चोरी करने की आदत है। चोरी तो इनके खून में शामिल हो चुकी है। इन्होंने हमारी चुनी हुई सरकार को चोरी से गिराया, सांसद और विधायक खरीदे। आज देश में चंदा चोरी के बाद ‘वोट की चोरी’ की जा रही है।”
“1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए ‘गांव-गांव, घर-घर’ संदेश देने का आह्वान”
दिग्विजय सिंह ने जनता से लोकतंत्र बचाने के लिए एक बड़े आंदोलन में साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा, “आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के संकल्प के साथ एक विशाल रैली होने जा रही है। हमें इस रैली को भरपूर समर्थन देना है। इसका संदेश राजगढ़ के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं। आज देश में राहुल गांधी जो बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, हम सब मिलकर उस लड़ाई में उनका पूरा साथ देना चाहते हैं, क्योंकि हमें बाबा साहेब का संविधान और देश का लोकतंत्र बचाना है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्राणियों में सद्भावना और विश्व का कल्याण ही असली सनातन धर्म है।
“सनातन किसी की जागीर नहीं, चंदे का हिसाब सार्वजनिक हो” : प्रियव्रत सिंह
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए पूर्व ऊर्जा मंत्री व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने भी तीखे और वैचारिक बाण चलाए। प्रियव्रत सिंह ने पुरजोर शब्दों में कहा, “सनातन धर्म किसी एक व्यक्ति, भाजपा या आरएसएस की बपौती या जागीर नहीं है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की महान भावना के साथ यह समस्त मानव समाज का धर्म है। धर्म आस्था का विषय है और राजनीति कर्म का, इसलिए राजनैतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग बंद होना चाहिए।”
भाजपा को घेरते हुए प्रियव्रत सिंह ने मांग की कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर लिए गए एक-एक चंदे का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ बिना किसी राजनैतिक झंडे या चुनाव चिह्न के, केवल हमारी संस्कृति और धर्म के गौरव की पुनर्स्थापना के लिए निकाली जा रही है।
इस अवसर पर राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री पी.सी. शर्मा, वरिष्ठ नेता रघु परमार रामचंद्र दागी बापूसिंह तवर हेमराज कल्पोनी सहित कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय साधु-संत उपस्थित रहे ।









