30 साल पुराना नारा याद दिला बोले पूर्व मुख्यमंत्री— इनके खून में चोरी है, तभी विधायक खरीद सरकार गिराई; अब 1 नवंबर की दिल्ली रैली से गूंजेगा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का संकल्प ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- उज्जैन के शिप्रा तट से अयोध्या के रामधाम तक जा रही ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ अपने सफर के 11वें दिन जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृह जिले राजगढ़ के मुख्यालय पहुंची,तो यह विशुद्ध धार्मिक यात्रा एक प्रचंड राजनैतिक कुरुक्षेत्र में तब्दील हो गई । हाथ में शंख और होंठों पर ‘जय सियाराम’ का नारा लेकर चल रहे दिग्विजय सिंह ने जिला मुख्यालय पर उमड़े जनसैलाब के सामने बीजेपी पर अब तक का सबसे तीखा,सीधा और आक्रामक हमला बोला ।
मंच संभालते ही दिग्विजय सिंह ने देश में ‘चंदा चोरी’ से लेकर ‘वोट चोरी’ तक के मुद्दों पर बीजेपी को कठघरे में खड़ा किया और उपस्थित जनता से सीधे नारे लगवाकर राजगढ़ की सियासत में भूचाल ला दिया ।
“मंच से गूंजे तीखे नारे: ‘वोट चोर कहां मिलेंगे…”
अपने संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह पूरी तरह आक्रामक अंदाज में नजर आए । उन्होंने वहां मौजूद हजारों लोगों से सीधे संवाद करते हुए नारे लगवाए, दिग्विजय सिंह ने मंच से पूछा— “वोट चोर कहां मिलेंगे?” तो सामने मौजूद जनसैलाब से एक सुर में आवाज आई— “बीजेपी के दफ्तर में!” इसके बाद उन्होंने फिर नारा लगवाया— “चंदा चोर कहां मिलेंगे?”, जनता ने फिर दोहराया— “बीजेपी के दफ्तर में!” इन गगनभेदी नारों से पूरा सभा स्थल गूंज उठा ।
“30 साल पुराना नारा याद दिलाया: ‘चंदे का हिसाब मांगो”
बीजेपी और संघ परिवार पर सीधा प्रहार करते हुए दिग्विजय सिंह ने अपने राजनैतिक इतिहास का पन्ना खोला । उन्होंने कहा, “साथियों, साल 1993 में मैंने एक नारा दिया था— ‘रामभक्त जागो, चंदे का हिसाब मांगो!‘ मैं पिछले लगभग तीस साल से इनसे राम मंदिर और धर्म के नाम पर लिए गए चंदे का हिसाब मांग रहा हूँ । लेकिन ये हिसाब नहीं दे रहे हैं,क्योंकि इनकी चोरी करने की आदत है। चोरी तो इनके खून में शामिल हो चुकी है।”
“सरकार गिराने, सांसद, विधायक व वोट चोरी का लगाया संगीन आरोप”
मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “इन्होंने हमारी चुनी हुई सरकार को चोरी से गिराया। लोकतंत्र का मखौल उड़ाते हुए इन्होंने चोरी से सांसद खरीदे, विधायक खरीदे । आज देश में जिस प्रकार बड़े पैमाने पर चंदा चोरी हुई है, ठीक उसी प्रकार अब जनता के ‘वोट की चोरी’ की जा रही है। हमें इस वोट चोरी को रोकना होगा।”
“1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए ‘गांव-गांव, घर-घर’ संदेश देने का आह्वान”
देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए दिग्विजय सिंह ने जनता से लोकतंत्र बचाने के लिए एक बड़े आंदोलन में साथ देने की अपील की । उन्होंने कहा, “आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के संकल्प के साथ एक विशाल रैली होने जा रही है । हमें इस रैली को भरपूर और ऐतिहासिक समर्थन देना है मेरी आप सभी से विनती है कि इसका संदेश राजगढ़ के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं।”
“राहुल गांधी की लड़ाई, संविधान और असली सनातन की व्याख्या”
भाषण के अंत में दिग्विजय सिंह काफी भावुक भी हुए। उन्होंने महात्मा गांधी और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा:
• “महात्मा गांधी की हत्या जिस विचारधारा ने की, आज देश में उसी सोच के खिलाफ जंग है । आज इस देश में राहुल गांधी जो बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, हम सबको मिलकर हर हाल में उनका साथ देना होगा, क्योंकि हमें बाबा साहेब का संविधान और देश का लोकतंत्र बचाना है।”
• सनातन धर्म को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे धर्म का मूल मंत्र है— धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो ! जब असली सनातन हर प्राणी में सद्भावना की बात करता है, तो इसमें नफरत और भेदभाव कहां है” ?
• उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें खुशी है कि जिस सेवा की विचारधारा से उन्होंने राजनीति शुरू की थी, आज राजगढ़ जिले में कांग्रेस उसी विचारधारा पर मजबूती से टिकी है।
इस ऐतिहासिक और सियासी रूप से बेहद गर्म रहे आयोजन में राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व ऊर्जा मंत्री व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री पी.सी. शर्मा,पूर्व विधायक रामचंद्र दागी, हेमराज कल्पोनी, बापूसिंह तवर ,जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रसिंह सोंधिया सहित कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय साधु-संत उपस्थित रहे । दिग्विजय सिंह के इस बेहद आक्रामक भाषण और मंच से लगवाए गए नारों के बाद जिले की भाजपा इकाई में हड़कंप मच गया है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता इस भाषण के बाद पूरी तरह चार्ज नजर आ रहे हैं ।









