‘कलेक्टर साहब ! जब आपके सामने यह हाल है, तो जनता के साथ क्या करते होंगे ?’— विधायक अमरसिंह यादव ने जल निगम को घेरा; संबल योजना के हितग्राहियों को मिली 2-2 लाख की राहत ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर / खिलचीपुर :- मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत खिलचीपुर में आयोजित विशेष शिविर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया,जब ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के बावजूद पानी नहीं पहुंचने का मुद्दा गरमा गया । पेयजल संकट से आक्रोशित राजगढ़ विधायक अमरसिंह यादव ने शिविर में मौजूद जल निगम के जीएम यू.के. चौधरी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए उन्हें सबके सामने जमकर फटकार लगा दी । खास बात यह रही कि जिस समय विधायक जीएम को आड़े हाथों ले रहे थे,उस समय मंच पर राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले मौजूद थे ।
शिविर के दौरान विधायक अमरसिंह यादव ने जल निगम के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे इलाके में पेयजल व्यवस्था ठप पड़ी है और करीब 50 गांवों के लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हैं । इसके बावजूद अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय अधिकारी गोलमोल और अलग अलग जवाब देकर गुमराह कर रहे हैं। सरपंच का पक्ष लेते हुए विधायक ने जीएम चौधरी से दो टूक कहा,”मेरे सामने मेरा सरपंच गलत थोड़े ही बोल रहा है । पूरे जल निगम को तुमने बर्बाद कर रखा है झूठ बोलते हो,अपनी गलती स्वीकार करो” । विधायक ने तीखा सवाल उठाया कि जब कागजों पर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है और ठेकेदार को पूरा भुगतान भी किया जा चुका है, तो जमीन पर लोगों के घरों तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा है ?
जीएम के अड़ियल रवैये को देख विधायक यादव ने कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की ओर मुखातिब होकर कहा, “कलेक्टर साहब, आपके सामने जब जीएम का यह व्यवहार है, तो आप ही सोचिए कि आम जनता के साथ इनका व्यवहार कैसा होता होगा”? इसी बीच एक ग्रामीण ने भी सामने आकर जल निगम के दावों को चुनौती दी । ग्रामीण ने आक्रोश में कहा कि अगर संबंधित लाइन में पानी पहुंच रहा हो,तो वह इसके लिए कोई भी सजा भुगतने को तैयार है, ग्रामीणों के बढ़ते गुस्से और तीखी बहस के बीच कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने खुद हस्तक्षेप किया और स्थिति को संभालते हुए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया ।
“हंगामे के बीच संबल योजना के हितग्राहियों को मिली राहत”
पेयजल के हंगामे के बीच शिविर में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र परिवारों को वितरित किया गया । मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत संबल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों बल्लभ बाई, मांगुबाई सौंधिया, पूजा और कमल कुंवर को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि के स्वीकृति पत्र सौंपे गए । इसके साथ ही, योजना का लाभ उठाने से वंचित रह गए पात्र नागरिकों के लिए मौके पर ही नए पंजीयन की व्यवस्था की गई,जिसमें त्वरित कार्यवाही करते हुए रामबाबू, धापूबाई और पूजा का संबल योजना के तहत नया पंजीयन भी किया गया ।
शिविर के समापन के बाद भी जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों और जल निगम के जीएम के बीच हुई यह तीखी बहस पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही । ग्रामीणों के बीच अब भी यही यक्ष प्रश्न तैर रहा है कि जब सरकारी खजाने से करोड़ों का भुगतान हो गया, तो पाइपलाइन सूखी क्यों है और उन्हें हक का पानी कब मिलेगा ?









