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कलेक्टर के तीखे तेवर: सीएमएचओ दफ्तर में अव्यवस्था पर फूटा गुस्सा,तीन को थमाया नोटिस !

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एक हफ्ते में व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम, सरकारी आवास खाली न करने वालों से बाजार दर पर होगी किराया वसूली ।

 घनश्याम शर्मा माचलपुर 

माचलपुर / राजगढ़ :- कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के औचक निरीक्षण पर पहुंचे । इस दौरान दफ्तर में भारी अव्यवस्था,लापरवाही और फाइलों के रखरखाव में कमियां मिलने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही लापरवाही बरतने वाले तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और उदासीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी

“कैश बुक अधूरी मिली, स्थापना शाखा में भी खामियां”

कलेक्टर डॉ. मिश्रा सबसे पहले लेखा शाखा पहुंचे वहां उन्होंने जब कैश बुक की जांच की, तो वह अधूरी पाई गई । इस पर उन्होंने सहायक ग्रेड-3 श्रीमती प्रभा देवड़ा के खिलाफ नोटिस जारी करने को कहा इसके बाद स्थापना शाखा के निरीक्षण में प्रभारी श्रीमती पूजा सोनी और श्रीमती सीमा परिहार के पास मौजूद शासकीय अभिलेख व फाइलें अपडेट नहीं मिलीं । इस घोर लापरवाही पर कलेक्टर ने इन दोनों महिला कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस थमाने के निर्देश दिए ।

“नए सीएमएचओ को निर्देश: नोट शीट से ही चलेंगे सारे काम”

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को ही डॉ. शेख जलालुद्दीन को राजगढ़ सीएमएचओ का नया प्रभार सौंपा गया है । कलेक्टर ने नवपदस्थ सीएमएचओ को सख्त हिदायत दी कि स्थापना शाखा का हर एक पत्राचार और फाइल सिर्फ नोटशीट के माध्यम से ही आगे बढ़ाई जाए। साथ ही कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का शाखावार पूरा विवरण तत्काल तैयार करने को कहा ।

कलेक्टर ने सभी शाखा प्रभारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कार्यालय के जितने भी काम लंबित हैं और फाइलों का जो भी रख-रखाव है, उसे एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात दिन बाद वे दोबारा कभी भी औचक निरीक्षण करने आ सकते हैं। यदि तब भी सुधार नहीं दिखा, तो संबंधितों पर सीधी और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।

“तबादले के बाद भी जमे कर्मचारियों से होगी वसूली”

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला अस्पताल परिसर में बने शासकीय आवासों (क्वार्टर्स) की भी समीक्षा की। उन्हें शिकायत मिली थी कि कई कर्मचारी तबादला होने या मुख्यालय छोड़ने के बाद भी सालों से सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी कर्मचारियों को चिह्नित कर आवास खाली कराए जाएं और लोक निर्माण विभाग (PWD) के नियमों के तहत उनसे बाजार दर पर बकाया किराए की कड़ाई से वसूली की जाए।

इस औचक निरीक्षण के दौरान डॉ. मनीष चौहान और प्रभारी जिला प्रोग्राम मैनेजर (DPM) सुनील वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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