
डॉक्टर पर 4 घंटे तक इलाज न करने और मेडिकल फाइल फाड़ने का आरोप, पीड़ित पत्रकार ने दर्ज कराई शिकायत,अस्पताल में भारी हंगामा ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर / सारंगपुर :- सिविल अस्पताल सारंगपुर में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को कैंसर से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला मरीज के इलाज को लेकर भारी बवाल हो गया । गंभीर हालत में मां को लेकर पहुंचे पत्रकार बेटे ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अंकुर देशवाली पर अभद्र व्यवहार करने, इलाज न करने और चैंबर से धक्का देकर बाहर निकालने का सनसनी खेज आरोप लगाया है ।
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने उसकी माताजी के दस्तावेज और जरूरी जांच रिपोर्ट की फाइल भी फाड़ दी । इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही धरना दे दिया, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और वरिष्ठ डॉक्टरों के दखल के बाद मामला शांत हुआ और मरीज का इलाज शुरू हो सका ।
“चार घंटे तड़पती रही मां, डॉक्टर बोले- लाइन में लगो”
पुलिस थाना सारंगपुर में दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, सुदर्शन नगर (वार्ड क्रमांक 16) निवासी दिनेश धनगर अपनी कैंसर पीड़ित मां कलाबाई और पत्नी के साथ बेहद नाजुक हालत में सुबह करीब 11:00 बजे सिविल अस्पताल पहुंचे थे । महिला की यूरिन (पेशाब) बंद होने के कारण वे असहनीय दर्द से तड़प रही थीं। दिनेश ने डॉक्टर अंकुर देशवाली को माताजी की गंभीर स्थिति बताते हुए तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू करने की प्रार्थना की। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज की हालत को नजरअंदाज करते हुए उन्हें सामान्य मरीजों की तरह लाइन में लगने के लिए कह दिया और लगभग 4 घंटे तक अस्पताल में बिना इलाज के ही बैठाए रखा ।
“मीडियाकर्मी का नाम सुनते ही भड़के डॉक्टर,की झूमाझटकी”
शिकायतकर्ता दिनेश धनगर के मुताबिक,जब उन्होंने मां की जान बचाने के लिए जल्द से जल्द इलाज शुरू करने का आग्रह किया और स्वयं को मीडियाकर्मी बताया, तो डॉक्टर अचानक उग्र हो गए । पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर ने उनके साथ मारपीट के इरादे से झूमाझटकी की और बहुत ही गंदा व अभद्र व्यवहार करते हुए हाथ पकड़कर चैंबर से बाहर धकेल दिया। इतना ही नहीं, डॉक्टर ने गुस्से में आकर मरीज की मेडिकल फाइल में मौजूद जरूरी जांच रिपोर्ट और सारे दस्तावेज भी फाड़ डाले ।
“कलेक्टर-एसडीएम के निर्देश पर शुरू हुआ इलाज”
डॉक्टर के इस अमानवीय व्यवहार से नाराज होकर परिजनों ने अस्पताल के भीतर ही हंगामा शुरू कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए । पीड़ित बेटे ने तुरंत फोन पर जिले के कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसडीएम जय सोलंकी को इस पूरे आपात घटनाक्रम से अवगत कराया। प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े निर्देश के बाद अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर जय सिंह बघेल और डॉ.अंकित यादव ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को समझाया । इसके बाद बुजुर्ग महिला मरीज कलाबाई को भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया गया ।
“थाने में आवेदन प्रस्तुत, बीएमओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई”
घटना के बाद पीड़ित दिनेश धनगर ने सारंगपुर थाना प्रभारी को लिखित आवेदन पत्र सौंपकर आरोपी डॉक्टर के विरुद्ध सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। दूसरी ओर, आरोपी डॉक्टर अंकुर देशवाली घटना के तुरंत बाद अपने ड्यूटी समय से पहले ही अस्पताल छोड़कर जा चुके थे, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. केएल भीलवारे ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा, “यह मामला पूरी तरह हमारे संज्ञान में आ चुका है। पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी डॉक्टर या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”









