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अंधेरे से भड़के अन्नदाता: अघोषित कटौती के विरोध में किसानों का फूटा गुस्सा, स्टेट हाईवे पर 2 घंटे चक्काजाम !

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पचोर-जीरापुर मार्ग पर थमे वाहनों के पहिए, लगी लंबी कतारें; पुलिस की समझाइश बेअसर, बिजली कंपनी के आश्वासन पर माने ग्रामीण ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

माचलपुर / संडावता :- ग्रामीण अंचलों में रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के की जा रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ किसानों और ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। बिजली संकट से उद्वेलित सैकड़ों किसानों ने पचोर जीरापुर स्टेट हाईवे पर कालियाखेड़ी गांव के पास सड़क पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की मील लंबी कतारें लग गईं और करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा ।

“रात के अंधेरे ने बिगाड़ी दिन चर्या,पढ़ाई और कामकाज ठप”

प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रात के समय बिना किसी तय शिड्यूल के एक से डेढ़ घंटे तक बिजली गुल की जा रही है । अघोषित कटौती के कारण न सिर्फ किसानों की रात की सिंचाई और दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि उमस और अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई व महिलाओं के घरेलू कामकाज भी पूरी तरह ठप हो गए हैं । बार-बार शिकायत के बाद भी जब सुधार नहीं हुआ, तो मजबूरन ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा ।

“पुलिस की मिन्नतें बेअसर, अधिकारी को बुलाने पर अड़े रहे ग्रामीण”

हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे । पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को सड़क से हटाने और जाम खोलने के लिए काफी समझाइश दी, लेकिन आक्रोशित जनता टस से मस नहीं हुई । ग्रामीणों की साफ मांग थी कि जब तक बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक जाम नहीं खुलेगा ।

“सुपरवाइजर के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद खुली सड़क,उग्र आंदोलन की चेतावनी”

तनाव बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन ने तत्काल बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद विभाग के सुपरवाइजर को मौके पर भेजा गया । सुपरवाइजर ने ग्रामीणों की शिकायत को जायज मानते हुए आश्वस्त किया कि भविष्य में बिना सूचना के कोई कटौती नहीं की जाएगी और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाएगा । इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब 2 घंटे बाद जाम हटाया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली हालांकि, किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो अगली बार इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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