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अंधविश्वास की वेदी पर चढ़ी गृहस्थी: राजगढ़ में संत रामपाल की भक्ति के विवाद में पत्नी की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या !

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रामजी-हनुमानजी की पूजा और त्योहार मनाने से रोकता था पति, मना करने पर उतारा मौत के घाट ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़ / माचलपुर :- राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुराड़खेड़ा में धार्मिक अंधविश्वास और घरेलू विवाद के चलते एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है । यहाँ एक पति ने सनातन देवी देवताओं की पूजा करने और त्योहार मनाने से मना करने पर अपनी ही पत्नी की कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से हत्या कर दी । वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है ।

“सिर, पीठ और कमर पर किए कुल्हाड़ी से कई वार”

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गुराड़खेड़ा गांव में रामबाबू गुर्जर (38) और उसकी पत्नी गायत्री गुर्जर (36) रहते थे । रविवार सुबह करीब 11 बजे दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि रामबाबू ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और गायत्री पर हमला कर दिया । आरोपी ने मृतका के सिर, पीठ और कमर पर कुल्हाड़ी से कई जानलेवा वार किए, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई ।

“मृतका के पिता का रो-रोकर बुरा हाल, बोले- “दामाद कहता था कोई भगवान नहीं है”

इस खौफनाक वारदात के बाद मृतका के पिता और ग्राम छायन के पूर्व सरपंच कमलसिंह गुर्जर ने रोते हुए दामाद की करतूतों का खुलासा किया । उन्होंने बताया कि बेटी और दामाद के बीच कोई आर्थिक या जमीन का विवाद नहीं था विवाद की एकमात्र वजह दामाद रामबाबू का संत रामपाल का अनुयायी होना था।
पिता के अनुसार, रामबाबू लगातार गायत्री पर दबाव बनाता था कि वह भगवान राम, हनुमान जी को न माने। घर में अगरबत्ती, दीपक जलाने और रक्षाबंधन समेत अन्य हिंदू त्योहारों को मनाने पर भी उसने पाबंदी लगा रखी थी। वह कहता था कि कोई भगवान नहीं है, सिर्फ संत रामपाल को पूजो । इस बात को लेकर वह पहले भी गायत्री के साथ कई बार मारपीट कर चुका था, जिसमें रामबाबू की मां भी उसका साथ देती थी ।

“आखरी फोन कॉल: “मेरा मुंह देखना है तो जल्दी आ जाओ…”

मृतका के पिता ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे गायत्री ने उन्हें फोन किया था । उसने रोते हुए कहा था, “मुझे कुल्हाड़ी से मार रहा है… अगर मेरा आखिरी बार मुंह देखना चाहते हो, तो जल्दी आ जाओ।” पिता तुरंत अपने गांव से 3 किलोमीटर दूर बेटी के ससुराल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने रामबाबू को गायत्री पर वार करते देखा, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकला ।

घटना के समय घर में पति-पत्नी के अलावा कोई नहीं था । दंपति के दो बेटे हैं (14 वर्ष और 11 वर्ष)। बड़ा बेटा पहले से ही अपने नाना-नानी के घर पर था, जबकि छोटा बेटा और रामबाबू की मां भी घटना के वक्त घर से बाहर थे ।

“आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही साफ होगी स्थिति: पुलिस”

कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और मायके पक्ष के बयानों में धार्मिक मान्यता को लेकर विवाद की बात सामने आई है । चूंकि घटना के वक्त घर में केवल पति पत्नी ही मौजूद थे, इसलिए वास्तविक कारणों का सटीक खुलासा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगा । पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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