
कृषि उपज मंडी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर फूटा गुस्सा, व्यापारियों पर मनमाने रेट पर खरीदी का आरोप, पुलिस की समझाइश के बाद बहाल हुआ यातायात ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर / खुजनेर :- सोयाबीन के उचित दाम न मिलने से क्षेत्र के किसानों का आक्रोश मंगलवार शाम को सड़कों पर फूट पड़ा । नाराज किसानों ने खुजनेर में पचोर जीरापुर स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली अड़ाकर जाम लगा दिया। इस दौरान कृषि उपज मंडी में भी किसानों ने व्यापारियों और मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा ।
“व्यापारियों पर मनमानी और सांठगांठ का आरोप”
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि इस सीजन में सोयाबीन की अच्छी पैदावार होने के बावजूद मंडी में व्यापारी आपस में सांठगांठ कर मनमाने दामों पर फसल खरीद रहे हैं । किसानों को उनकी लागत और मेहनत के अनुसार वाजिब दाम नहीं मिल पा रहे हैं उचित मूल्य न मिलने से आर्थिक नुकसान झेल रहे किसानों में व्यापारियों की इस मनमानी को लेकर भारी आक्रोश है ।
“मंडी में बदइंतजामी, न पीने का पानी,न भोजन की व्यवस्था”
किसानों ने सिर्फ फसलों के कम दाम ही नहीं,बल्कि मंडी परिसर की लचर व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए । किसानों का कहना था कि दूर-दराज के गांवों से उपज लेकर आने के बाद उन्हें यहां घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद मंडी प्रशासन द्वारा पीने के साफ पानी और कैंटीन (भोजन) जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं इस भारी अव्यवस्था के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।
“दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने खुलवाया जाम”
हाईवे पर करीब दो घंटे से अधिक समय तक हंगामे और चक्काजाम की स्थिति बनी रही । मामले की संवेदन शीलता को देखते हुए लीमाचौहान और छापीहेड़ा थाने का पुलिस बल भारी संख्या में मौके पर पहुंचा पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसानों के बीच पहुंच कर उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों से बात कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलवाया । पुलिस की समझाइश और आश्वासन के बाद किसान शांत हुए और जाम हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका ।










