खिलचीपुर नगर परिषद में 14 करोड़ का फंड होने के बाद भी विकास कार्य ठप,7 दिन में कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर /खिलचीपुर :-
मध्य प्रदेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी जहां एक ओर संगठन स्तर पर जन-समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है,वहीं दूसरी ओर राजगढ़ जिले में इसी अभियान की भावना को अक्षुण्ण रखने के लिए सत्तापक्ष के ही एक जनप्रतिनिधि को व्यवस्था के खिलाफ पैदल सड़क पर उतरना पड़ा है ।
नगर परिषद खिलचीपुर के वार्ड क्रमांक 5 से भाजपा पार्षद संदीप शर्मा ‘काका’ अपनी ही परिषद की प्रशासनिक सुस्ती और ठप पड़े विकास कार्यों से नाराज होकर खिलचीपुर से राजगढ़ कलेक्ट्रेट तक करीब 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पहुंचे । उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर रोहित बम्होंरे को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है,कार्रवाई न होने पर पार्षद ने आमरण अनशन पर बैठने की दो टूक चेतावनी भी दी है ।
“खाते में 14 करोड़, फिर भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही जनता”
पार्षद संदीप शर्मा ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा की मजबूत सरकार है और खिलचीपुर नगर परिषद में भी भाजपा का ही बहुमत व अध्यक्ष हैं । परिषद के बैंक खातों में विकास कार्यों के लिए करीब 14 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि जमा है बावजूद इसके मुख्य नगर पालिका अधिकारी देवनारायण दांगी के कार्यकाल में जनसुविधा से जुड़े कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं । स्वीकृत निर्माण कार्य भी फाइलों से बाहर नहीं आ पा रहे हैं ।
भाजपा पार्षद ने स्पष्ट किया कि उनकी यह लड़ाई किसी राजनीतिक विरोध या विवाद के लिए नहीं है, बल्कि संगठन के ‘सेवा संकल्प अभियान’ को धरातल पर सार्थक करने के लिए है । जब करोड़ों का फंड होने के बाद भी जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हो, तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते चुप बैठना जनता के साथ विश्वासघात होगा ।
“मांग-पत्र की मुख्य प्रस्तावना: इन 5 सूत्रीय मांगों पर अड़े पार्षद”
सौंपे गए ज्ञापन में पिछले 10 महीनों के कार्यों की उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा (जांच) की मांग करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर अविलंब कार्रवाई का आग्रह किया गया है :
अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण: वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक लंबे समय से लंबित व स्वीकृत सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से प्रारंभ किया जाए।
पर्यावरण एवं जन-स्वास्थ्य: नगर में नियमित साफ-सफाई व कचरा संग्रहण की त्रुटिहीन व्यवस्था स्थापित कर नागरिकों को गंदगी से मुक्ति दिलाई जाए।
नागरिक सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था: जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहर की सभी बंद व खराब स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित हो ।
आधुनिक ढांचागत विकास: यात्रियों एवं आमजन की सुविधा के लिए बहुप्रतीक्षित नवीन बस स्टैंड का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए।
धरोहर का संरक्षण: नगर की जीवनदायिनी मां गाडगंगा नदी के शुद्धिकरण, संवर्धन एवं संरक्षण हेतु ठोस प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।
“प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम”
ज्ञापन में साफ लहजे में चेतावनी दी गई है कि यदि इस मांग-पत्र पर आगामी 7 दिवस के भीतर धरातल पर कोई ठोस एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो पार्षद नगरवासियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन पर बैठने के लिए विवश होंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खिलचीपुर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है ।










