
AICC के आह्वान पर सड़क पर उतरे कांग्रेसी, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बुधवार (30 सितंबर 2026) को राजगढ़ जिला मुख्यालय पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा धरना-प्रदर्शन किया।
यह आंदोलन खिलचीपुर नाका से धरने के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद कांग्रेसी हाथों में तख्तियां लेकर पैदल मार्च करते हुए ब्यावरा नाका स्थित मंगल भवन पहुंचे, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला जलाया गया और इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया ।
काग्रेस द्वारा दिए ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखी गईं
1. मतदाता सूची, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), निर्वाचन संबंधी आंकड़ों और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए ।
2. यदि जांच में संवैधानिक या प्रक्रियागत गड़बड़ी पाई जाती है, तो संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए ।
“नेताओं ने कहा – संविधान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मतदाता सूची में गड़बड़ियों से नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इंदौर, सागर और बालाघाट में हुई मौतों जैसी गंभीर घटनाओं के बीच भी भाजपा नेता अपनी यात्राओं और स्वागत में व्यस्त हैं। जनता को ऐसे नेताओं का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
प्रदर्शन के दौरान किसानों के फसल बीमा, रोजगार और सोयाबीन के दामों का मुद्दा भी उठा। जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया ने राजगढ़ की सीएमएचओ पर भ्रष्टाचार और निजी क्लीनिकों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए।
इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी और बापूसिंह तंवर सहित जिलेभर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे ।










