संचालनालय ने जारी किया चेतावनी पत्र,बिना लिखित आदेश के अधिकारी जता रहे भोपाल में अटैच होने का दावा ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- जिला पुरातत्व संग्रहालय राजगढ़ में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है । यहाँ के प्रभारी संग्रहाध्यक्ष हुकुमचंद मलिक पिछले तीन महीनों से लगातार अपने कार्यालय से गायब हैं । संग्रहालय के मुख्य बोर्ड पर कार्यालय का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक दर्ज है, लेकिन धरातल पर प्रभारी अधिकारी की कुर्सी महीनों से खाली पड़ी है लगातार अनुपस्थिति के चलते कार्यालय का उपस्थिति रजिस्टर (हाजिरी पंजी) भी पूरी तरह खाली है ।
“संचालनालय ने दी सख्त चेतावनी”
अधिकारी की इस कार्य प्रणाली और शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता को संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, म.प्र. भोपाल ने बेहद गंभीरता से लिया है । संचालनालय द्वारा पत्र क्रमांक /स्था-5/2025 दिनांक 09/05/2025 के माध्यम से संबंधित अधिकारी हुकुमचंद मलिक को एक कड़ा कारण बताओ व चेतावनी पत्र जारी किया गया है । इस पत्र में उन्हें शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही न बरतने और कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से करने की सख्त हिदायत दी गई है ।
“लगातार निरीक्षण में सामने आई हकीकत”
मीडिया रिपोर्ट्स और धरातलीय निरीक्षण में अधिकारी की लापरवाही खुलकर उजागर हुई है । पिछले तीन महीनों के दौरान जब भी संग्रहालय का औचक निरीक्षण किया गया,प्रभारी संग्रहाध्यक्ष अपनी सीट से नदारद मिले । सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कार्यालय की उपस्थिति पंजी में 16 सितंबर से 31 सितंबर तक के कॉलम में अधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं हैं,जो उनकी लंबे समय से चल रही अनाधिकृत अनुपस्थिति की पुष्टि करता है ।
“बिना लिखित आदेश के ‘भोपाल अटैचमेंट’ का दावा”
इस पूरे मामले में एक और संदिग्ध मोड़ तब आया,जब सूत्रों से जानकारी मिली कि उक्त अधिकारी खुद को भोपाल मुख्यालय में अटैच (संबद्ध) होने का दावा कर रहे हैं । हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि उनके भोपाल अटैचमेंट के संबंध में विभाग द्वारा ऐसा कोई भी लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है बिना किसी आधिकारिक आदेश के ड्यूटी से गायब रहना और मौखिक दावों के सहारे पद पर बने रहना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है ।










