करोड़िया परिवार में 22 वर्षों से पूजे जा रहे प्राकृतिक ‘श्वेतार्क’ गणेश, शाम ढलते ही ढोल-नगाड़ों और महाआरती से गुंजायमान हो रहा नगर ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- नगर में दस दिवसीय गणेश उत्सव की धूम अपने चरम पर है जैसे बप्पा की बिदाई समय नजदीक आ रहा वैसे वैसे चारों ओर “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंज तेज हो रही हैं । शाम होते ही नगर में ढोल-नगाड़ों की थाप और महाआरती के शंखनाद से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठता है नगर में करीब एक दर्जन स्थानों पर आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं, जहां बप्पा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है ।
“22 सालों से आकर्षण का केंद्र हैं ‘श्वेतार्क’ गणेश”
नगर में करोड़िया परिवार द्वारा की जा रही गणेश पूजा इस बार भी विशेष श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है । परिवार के सदस्यों ने बताया कि 22 वर्ष पूर्व मकान निर्माण के समय सफेद आंकड़े (मदार) की जड़ में प्राकृतिक रूप से गणेश जी की आकृति उभरी हुई मिली थी । शास्त्रों में इसे ‘श्वेतार्क गणेश’ माना जाता है, जिनकी पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है । इस अनोखे स्वरूप के दर्शन के लिए आम जनता के साथ-साथ कई राजनीतिक और सामाजिक गणमान्य नागरिक भी पहुँच रहे हैं यहाँ प्रतिदिन भजन कीर्तन सुंदरकांड पाठ चल रहे हैं साथ गणेश जी को छप्पन भोग भी लगाए गया ।
“उत्सव की रौनक बच्चों और युवाओं में भारी उत्साह”
इस वर्ष गणेश उत्सव को लेकर नगर के युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है । विभिन्न उत्सव समितियों द्वारा पंडालों को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है इस अवसर बड़े बाजार में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणेश की आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर भक्ति की जा रही है। रात के समय महाआरती के बाद पंडालों में बप्पा को छप्पन भोग और मोदक का प्रसाद चढ़ाया जा रहा है,जिसे पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही हैं ।
“मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया,विशेष अनुष्ठान का दौर जारी है”
पंडालों के साथ-साथ नगर के बाजार चौक स्थित प्राचीन गणेश मंदिर, बुरंज के गणेश मंदिर, भोलाराम मंदिर के समीप और नाना बाजार के गणेश मंदिरों में भी सुबह से ही विशेष अनुष्ठान,अभिषेक और धार्मिक आयोजन चल रहे हैं, जिससे पूरा माचलपुर पूरी तरह धर्ममय नजर आ रहा है ।










