
भक्ति के रंग में रंगा माचलपुर: रात भर गूंजे बाबा के जयकारे, भजनों पर थिरके श्रद्धालु, महाआरती और प्रसादी वितरण के साथ संपन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर:- “खम्मा-खम्मा हो रामा, रूणैचा रा धणिया…” के पावन जयकारों और अनन्य श्रद्धा के साथ माचलपुर के अहिरवार समाज द्वारा आयोजित सात पहर की सप्ताजी का विधि-विधान से समापन हुआ । मोहल्ले में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में आयोजित यह विशेष सप्ताजी मंगलवार, 22 सितंबर को शुरू हुई थी, जिसका पूर्णाहूति और हवन-पूजन के साथ बुधवार सुबह 10 बजे समापन हुआ ।
“रात भर बहती रही भक्ति रस की गंगा”
कलियुग के साक्षात अवतार माने जाने वाले बाबा रामदेव जी के दरबार में पूरी रात आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला । मंदिर परिसर में रात भर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा गायकों ने जब बाबा की महिमा और उनके परचों (चमत्कारों) का गुणगान किया, तो बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए और पूरी रात भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते रहे ।
“आकर्षण का केंद्र रही भव्य शोभायात्रा”
अनुष्ठान के समापन के बाद बाबा रामदेव मंदिर से एक भव्य और अलौकिक शोभायात्रा निकाली गई । इसमें आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा मार्ग ‘बाबा रामदेव की जय’ के नारों से गूंज उठा । शोभायात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजीं महिलाएं, हाथ में धर्मध्वजा थामे पुरुष और उत्साहित युवा शामिल हुए ।
यात्रा में बाबा रामदेव जी की नयनाभिराम चलित झांकी हर किसी के आकर्षण का केंद्र रही। डीजे की धार्मिक धुनों और भजनों पर थिरकते श्रद्धालुओं के उत्साह ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमयी बना दिया । नगरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर जगह-जगह पुष्पवर्षा के साथ शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया।
“पुरानी मंडी में महाआरती और भंडारा,यज्ञ वेदी पर बैठे पूर्व जिलाध्यक्ष”
यह भव्य शोभायात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुरानी मंडी प्रांगण पहुंची। यहाँ बाबा रामदेव जी की कपूर और दीपों से महाआरती उतारी गई। इसके बाद विशाल प्रसादी (भंडारे) का वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद ग्रहण किया । इस पावन सप्ताजी के निमित्त आयोजित यज्ञ-हवन में मुख्य यजमान के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष बापू लाल वर्मा स-पत्नीक शामिल हुए और क्षेत्र की खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना के साथ आहुतियां दीं । आयोजन को सफल बनाने में अहिरवार समाज के समस्त वरिष्ठजनों और युवाओं का सराहनीय योगदान रहा ।










