आबादी क्षेत्र में सूअर पालन और सड़ी सब्जियों की बदबू से जीना मुहाल,नागरिकों ने सीएम हेल्पलाइन,नगर परिषद और तहसील कार्यालय में की लिखित शिकायत ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर:- नगर पंचायत माचलपुर के वार्ड क्रमांक 8 में सूअर पालन से फैल रही अत्यधिक बदबू और गंदगी से परेशान होकर आज स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध टूट गया । यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो गया है क्योंकि वार्ड क्रमांक 8 स्वयं नगर पंचायत अध्यक्ष का गृह वार्ड है और उनका निवास स्थान भी पास में ही है, बार-बार की अनदेखी से नाराज आक्रोशित नागरिकों ने एकजुट होकर सीधे नगर पंचायत अध्यक्ष के निवास स्थान का सोमवार रात्रि को घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की । नगर परिषद से न्याय न मिलता देख पीड़ित नागरिकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर और मंगलवार को तहसील कार्यालय में व परिषद में जाकर इस मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है ।
“आबादी क्षेत्र में नियमों की धज्जियां,सड़ी सब्जियों से फैल रही दुर्गंध”
अध्यक्ष के घर का घेराव करने पहुंचे स्थानीय लोगों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर सूअर पालन किया जा रहा है । हद तो तब हो जाती है जब इन सूअरों को खाने के लिए सड़ी-गली सब्जियां और अन्य कचरा लाकर डाला जाता है धूप और उमस के कारण यह सड़ा हुआ खाना और मल मूत्र इतनी तीव्र दुर्गंध पैदा करता है कि लोगों का घरों में सांस लेना भी दूभर हो गया है । बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा बीमारी फैलने का डर बना हुआ है ।
“अध्यक्ष के घर व तीन स्कूलों के पासनरक जैसी स्थिति,फिर भी ध्यान नहीं”
प्रदर्शनकारि शिकायतकर्ता का सबसे बड़ा आक्रोश इस बात को लेकर था कि नगर पंचायत अध्यक्ष का स्वयं का निवास स्थान इस प्रभावित क्षेत्र के बिल्कुल पास में साथ ही तीन स्कूल है । इसके बावजूद वे इस गंभीर समस्या से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं लोगों ने कहा की, “जब अध्यक्ष रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं और यहीं रहती हैं, तो क्या उन्हें यह बदबू महसूस नहीं होती ? पास में ही निवास होने के बाद भी जनता की तकलीफों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है वहीं काशी गुरुकुल एकेडमी, मां दुर्गा व सरस्वती शिशु मंदिर के अध्ययनरत बच्चों का बदबू के चलते पढ़ना मुश्किल हो गया है ।
प्रशासनिक और परिषद स्तर पर सुनवाई न होने पर क्षेत्र के पीड़ित नागरिकों ने अब कानूनी और डिजिटल मोर्चा खोल दिया है । सोमवार रात्रि को महेन्द्र कुमार,रामबाबू कबधि,दीपक मालवीय, सलाम खान, कलाम खान, देवकरण,अनिल वर्मा, राजू वर्मा, अभिषेक, जगदीश, नरसिंह, गोपाल राठौर, विभूति विश्वकर्मा और विशाल सहित अन्य रहवासियों ने सीएम हेल्प लाइन पर तहसील कार्यालय पहुँचकर व नगर पंचायत कार्यालय जाकर लिखित शिकायती पत्र सौंपा है और आबादी क्षेत्र से सूअर पालन को तत्काल हटाने की मांग की है ।
“विगत वर्षों में कई बार दिए गए ज्ञापन,अब सीधे मुख्यमंत्री से गुहार”
स्थानीय निवासियों के अनुसार,विगत वर्षों में नगर कांग्रेस परिवार द्वारा इस जन-समस्या को लेकर नगर परिषद को कई बार लिखित ज्ञापन सौंपे गए । विपक्ष और नागरिकों द्वारा लगातार परिषद का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया,लेकिन सत्तासीन नगर परिषद ने हर बार इसे नजरअंदाज किया,स्थानीय प्रशासन के इस अड़ियल और तानाशाही रवैये से तंग आकर रहवासी परेशान हो गए ।
इस बड़े जन आक्रोश, सीएम हेल्प लाइन,तहसील व नगर पंचायत में लिखित शिकायत के बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है— क्या यह तानाशाही नगर परिषद अपनी हठधर्मिता छोड़कर जनता की समस्याओं को सुनने का काम करेगी ? क्या नागरिकों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए आबादी क्षेत्र से इस अवैध सूअर पालन को हटाया जाएगा ? फिलहाल, घेराव और चौतरफा शिकायत के बाद नागरिकों ने साफ कर दिया है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती,उनका आंदोलन थमेगा नहीं ।










