
शनि तलाई पर ठाकुर जी ने किया जल विहार, कल्याण क्लब में महाआरती के बाद अपने-अपने मंदिरों को लौटे विमान ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- माचलपुर नगर में डोल ग्यारस (जलझूलनी एकादशी) का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया । इस अवसर पर पूरा नगर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया नगर के सभी प्रमुख मंदिरों से भगवान के विमानों को आकर्षक और नयनकामी रूप से सजाकर बाजार चौक लाया गया । यहाँ बड़ी संख्या में एकत्रित श्रद्धालुओं ने भगवान की अगवानी की और पूजा अर्चना कर पुण्य कमाया ।
इस पावन मौके पर हिंदू उत्सव समिति द्वारा परंपरा के अनुसार सभी पुजारियों का पुष्पमाला पहनाकर आदर पूर्वक स्वागत और सम्मान किया गया ।
“जलझूलनी एकादशी का धार्मिक महत्व”
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जलझूलनी या पद्मा एकादशी कहा जाता है । मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की योगनिद्रा के दौरान करवट लेते हैं, इसलिए इसे ‘परिवर्तिनी एकादशी’ भी कहते हैं । इस दिन भगवान के बाल रूप (लड्डू गोपाल) को जलाशय पर ले जाकर स्नान (जल विहार) कराने की प्राचीन परंपरा है ऐसा करने से घर में सुख- समृद्ध आती है और समस्त पापों का नाश होता है इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए माचलपुर में भी ठाकुर जी को जल विहार कराया गया ।
“बस स्टैंड झंडा चौक पर हुआ अखाड़ा,उस्तादों का हुआ सम्मान”
उत्सव के दौरान हर वर्ष बाजार चौक में आयोजित होने वाला पारंपरिक अखाड़ा इस वर्ष स्थान अभाव के कारण पुराने झंडा चौक बस स्टैंड पर आयोजित किया गया । अखाड़े में क्षेत्र के पहलवानों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज और साहसिक करतब दिखाकर उपस्थित जनसमुदाय को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया ।
इस विशेष मौके पर हिंदू उत्सव समिति द्वारा अखाड़े के प्रमुख उस्तादों (गुरुओं) रोडुराम पहलवान, नारायण सिंह गुर्जर, बलवंत सिंह गुर्जर, हरिराम मालाकार और भगवान गुर्जर का साफा बांध कर व पुष्पमाला पहनाकर गर्म जोशी से आदर-सत्कार किया गया। इस गरिमामयी सम्मान समारोह के अवसर पर रामगोपाल खंडेलवाल, पवन मिश्रा, यशवंत सिंह गुर्जर, पवन राठौर एवं दयाराम राठौर सहित कई गणमान्य नागरिक और समिति सदस्य उपस्थित थे।
“शाम को निकला चल समारोह,शनि तलाई पर पैर पखारे,कल्याण क्लब में हुई महाआरती”
शाम होते ही नगर में एक भव्य चल समारोह (जुलूस) शुरू हुआ । इसमें नगर के सभी मंदिरों के विमान क्रमबद्ध होकर, ढोल-धमाकों,और अखाड़े के साथ भगवान का यह कारवां शनि तलाई पहुंचा यहाँ धार्मिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच भगवान के पैर पखारे गए और उन्हें जल विहार कराया गया । जल विहार की रस्म के बाद सभी विमानों को कल्याण क्लब परिसर में बने चबूतरे पर ससम्मान विराजमान किया गया। यहाँ महाआरती का आयोजन हुआ व प्रसाद वितरण की जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ आरती कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आरती और प्रसाद वितरण के बाद सभी विमान पुनः अपने-अपने निज मंदिरों के लिए रवाना हुए बीच में चाठा कुंडी हनुमान मंदिर पर भी पूजा अर्चना हुई ।










