
लेखा शाखा में खुद ID से लॉगिन कर देखे भुगतान, जलप्रदाय प्रभारी को नोटिस, ब्रेकर खरीदी का हिसाब तलब – स्वच्छता पर CMO को लगाई फटकार ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा शुक्रवार को जब माचलपुर नगर परिषद पहुंचे तो पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने ऐसा बारीक निरीक्षण किया कि लेखा से लेकर जलप्रदाय और निर्माण शाखा तक की एक-एक परत खुल गई।
“खुद कंप्यूटर पर बैठकर देखे खाते, फिर गिरी गाज”
कलेक्टर डॉ. मिश्रा सीधे लेखा शाखा पहुंचे। परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण और सीएमओ देवेंद्र वत्स की मौजूदगी में उन्होंने *लेखाकार राम नागर की ID से लॉगिन कर नगर परिषद के खातों और किए गए भुगतानों का परीक्षण किया* ।
उन्होंने बजट की हर मद की चीर-फाड़ की – किस मद में कितनी राशि स्वीकृत, कितनी खर्च हुई, कितनी बची और खर्च का हर कागज पूरा है या नहीं, सबका हिसाब लिया। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या और उनकी वास्तविक उपस्थिति पर भी सवाल उठाए ।
निरीक्षण के दौरान *नगर परिषद द्वारा खरीदे गए ब्रेकर्स* पर भी कलेक्टर की नजर पड़ी उन्होंने इंजीनियर गोविंद से प्रति यूनिट खर्च और खरीदी की पूरी प्रक्रिया का ब्योरा तलब किया ।
“कैशबुक अलमारी में लॉक, बाबू नदारद – तत्काल सस्पेंड”
निरीक्षण के दौरान सहायक ग्रेड-1 राम नागर कार्यालय से बिना सूचना गायब मिले। बुलाने पर आए तो *कैशबुक अलमारी में लॉक मिली । शासकीय अभिलेखों में इस लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने तत्काल राम नागर को निलंबित करने के आदेश दे दिए ।
*जलप्रदाय पर स्पष्टीकरण, दुकानों पर नोटिस*
जलप्रदाय शाखा की समीक्षा में कुल खर्च और जलकर वसूली का हिसाब नहीं दे पाने पर कलेक्टर ने प्रभारी से कारण बताओ स्पष्टीकरण मांगा। *17 दुकानों की ऑनलाइन नीलामी में जिन 4-5 दुकानदारों ने भुगतान नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी करने* के निर्देश दिए ।
“अमृत 2.0 और निर्माण कार्यों की समीक्षा”
इंजीनियर से दुकान निर्माण, अमृत 2.0 के तहत डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन और OHT टैंक के कार्यों की प्रगति ली और गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने को कहा ।
“स्वच्छता को लेकर CMO को फटकार लगाई”
नगर की स्वच्छता व्यवस्था पर कलेक्टर ने सीएमओ देवेंद्र वत्स पर कड़ी नाराजगी जताई । स्वच्छता में लगी दोनों गाड़ियों की GPS लोकेशन से रोज मॉनिटरिंग, तय दूरी, वास्तविक संचालन और डीजल खपत का मिलान करने के सख्त निर्देश दिए ।










