पारंपरिक वेशभूषा में घोड़ी पर सवार दिखे पुजारी,आकर्षक झांकी और डीजे की धुनों पर झूमे भक्त ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर / राजगढ़:- सुतार मोहल्ला स्थित प्राचीन श्री लिमडी वाले देवनारायण मंदिर समिति के तत्वाधान में गुरुवार को गुर्जर समाज के आराध्य देव,भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री देवनारायण जी के प्रिय अश्व ‘लीलाधर’ का जन्मोत्सव बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया । भादवी छठ के इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर पूरा क्षेत्र देवनारायण जी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा ।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,भगवान देवनारायण का अश्व ‘लीलाधर’ केवल एक वाहन नहीं, बल्कि शक्ति और अटूट निष्ठा का प्रतीक है । इस पावन अवसर पर गुरुवार सुबह से ही मंदिर परिसर में गुर्जर समाज के श्रद्धालुओं और मातृशक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा समाज के बंधुओं ने एकत्रित होकर भगवान देवनारायण और उनके प्रिय अश्व लीलाधर की विधि विधान से विशेष पूजा अर्चना की भक्तों ने सुख-समृद्धि और खुशहाली की मन्नतें मांगीं ।
“पुजारियों की अगुवाई में निकली भव्य शोभायात्रा, सजी आकर्षक झांकी”
पूजा-अर्चना के पश्चात मंदिर प्रांगण से एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ । इस शोभायात्रा में लिमडी वाले मंदिर एवं पड़ापड़ मंदिर के पुजारी हाथों में पारंपरिक ध्वज-पताका थामे घोड़ी पर सवार होकर चल रहे थे । साथ शोभायात्रा में पीछे भगवान देवनारायण की बेहद मनमोहक और आकर्षक चलित झांकी सजाई गई थी, यात्रा में साथ चल रही थी आगे आगे चल रहे डीजे की धार्मिक और भक्तिमय धुनों पर युवा भक्त जमकर थिरकते नजर आए, जिससे माहौल पूरी तरह देवमय हो गया । शोभायात्रा जैसे ही नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी, जगह-जगह पर नगरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत किया ।
“महाआरती और सामूहिक भोज के साथ समापन”
नगर भ्रमण के पश्चात शोभायात्रा पुनः लिमडी वाले देवनारायण मंदिर परिसर पहुंची । यहाँ पुजारियों द्वारा भगवान देवनारायण की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया और भगवान देवनारायण के जयकारों से मंदिर गूंज गया । इसके बाद समिति द्वारा आयोजित विशाल सामूहिक भोज (भंडारे) में समाज के सभी बंधुओं और श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कि मंदिर समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी नगरवासियों और समाज का आभार व्यक्त किया ।










