नगर में कोई बायपास नहीं, बाजार की अंदरूनी सड़क ही बनेगी 24 मीटर चौड़ी फोर-लेन,बिना किसी राजनैतिक दबाव के 3-4 महीनों में शुरू होगा काम ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर/राजगढ़ :- जिले के आर्थिक और व्यापारिक विकास को गति देने के लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित जीरापुर माचलपुर सोयत मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण परियोजना को बड़ी सफलता मिली है । राज्य कैबिनेट ने इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण हेतु 214.46 करोड़ रूपये की राशि की शासकीय ऋण गारंटी (वित्तीय स्वीकृति) नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस के माध्यम से स्वीकृत कर दी है । इस वित्तीय अनुमोदन के बाद मार्ग निर्माण की दिशा में आने वाली प्रशासनिक अड़चनें पूरी तरह दूर हो गई हैं ।
“शहरी क्षेत्रों में फोर-लेन और ग्रामीण क्षेत्रों में बनेगा टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर”
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस पूरी परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के आधार पर विकसित किया जा रहा है । खुले ग्रामीण अंचलों में यह सड़क टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर पक्के किनारों वाली 10 मीटर चौड़ी सड़क के रूप में निर्मित होगी । वहीं, यातायात के भारी दबाव को देखते हुए माचलपुर,जीरापुर और सोयत जैसे घनी आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों के भीतर इसे फोर-लेन (चार-लेन) के रूप में चौड़ा किया जाएगा। शहरी सीमाओं में डिवाइडर, फुटपाथ और दोनों तरफ पक्की नालियों के निर्माण को शामिल करते हुए सड़क की कुल उपलब्ध चौड़ाई 20 से 24 मीटर तक रखी जाएगी।
“माचलपुर में रावण बाल्डी से श्मशान घाट तक हटेगा अतिक्रमण,कोई समझौता नहीं””
इस मेगा प्रोजेक्ट के तकनीकी मापदंडों के अनुसार, निर्माण एजेंसी को कार्य सौंपने से पहले प्रशासन द्वारा 100 प्रतिशत अतिक्रमण-मुक्त जमीन उपलब्ध कराना अनिवार्य है । इस कड़ी में माचलपुर नगर के रावण बाल्डी से लेकर श्मशान घाट तक शासकीय भूमि पर किए गए सभी कच्चे-पक्के व्यावसायिक अतिक्रमणों, दुकानों और गुमटियों को पूरी तरह हटाया जाएगा । चूंकि माचलपुर टाउन के लिए कोई पृथक आउटर बायपास स्वीकृत नहीं है,अतः मुख्य बाजार की वर्तमान आंतरिक सड़क को ही पूर्ण चौड़ाई में निर्मित करना शासन की प्राथमिकता है । सड़क की जद में आने वाले बरसों पुराने खाली और जर्जर शासकीय स्कूल भवनों को भी ध्वस्त किया जाएगा । किसी भी प्रकार के स्थानीय या राजनीतिक दबाव में आकर सड़क के तकनीकी अलाइनमेंट (नक्शे) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा ।
“आगामी 3 से 4 महीनों में धरातल पर शुरू होगा कार्य”
कैबिनेट से वित्तीय ऋण गारंटी की स्वीकृति मिलने के उपरांत अब विस्तृत कार्य योजना को राज्य स्तरीय साधिकार समिति के समक्ष अंतिम तकनीकी प्रशासनिक अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके तत्काल बाद MPRDC द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल टेंडर (निविदाएं) आमंत्रित की जाएंगी । टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने और निर्माण एजेंसी का चयन होते ही आगामी 3 से 4 महीनों के भीतर धरातल पर शासकीय सीमा का सीमांकन, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सड़क निर्माण का वास्तविक कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। शासन ने इस संपूर्ण कॉरिडोर को सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 से पहले पूर्ण रूप से तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ।










