
आवश्यक वस्तु की किल्लत से तड़प रहे बच्चे और मरीज, किसानों ने सांची सहित अन्य ब्रांड्स की सप्लाई रोकने की दी बड़ी धमकी ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- जीरापुर और माचलपुर से सुलगी दुग्ध उत्पादकों के आंदोलन की चिंगारी अब पूरे राजगढ़ जिले में फैल चुकी है मंगलवार को जिला मुख्यालय पर शक्ति प्रदर्शन करने पहुंचे दुग्धोत्पादको किसानों ने सांची और अन्य निजी दुग्ध संयंत्रों (डेयरी प्लांटों) के खिलाफ बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है । उद्वेलित किसानों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो वे शहरों में आने वाले पैकेट (थैली) के दूध की सप्लाई को भी पूरी तरह ठप कर देंगे ।
“हम से 50 रूपये में खरीद,घी निकाल कर 75 रूपये में बेच रहे प्लांट”
– किसानों का गंभीर आरोप आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं ने डेयरी प्लांटों के गणित को उजागर करते हुए कहा कि आज के दौर में दूध उत्पादक किसान महंगाई की चौतरफा मार झेल रहा है । पशुपालकों से शुद्ध दूध महज 9 रुपये फैट (करीब 50 रुपये प्रति लीटर) की दर से खरीदा जा रहा है इसके बाद सांची सहित अन्य बड़े प्लांट इस शुद्ध दूध में से क्रीम, घी और अन्य महंगे सह-उत्पाद निकालकर उसी दूध को बाजार में 75 रुपये प्रति लीटर तक की ऊंची कीमतों पर आम जनता को बेच रहे हैं । किसानों का आरोप है कि मेहनत उनकी है और मलाई बड़े-बड़े कॉर्पोरेट और प्लांट खा रहे हैं, जबकि असली दूध उत्पादक को 9 रुपए फैट में मवेशी पालना भी भारी पड़ रहा है ।
“भैंस का ₹100 और गाय का ₹80 लीटर तय करने पर अड़े किसान”
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए किसानों,दूध उत्पादकों व पशुपालकों ने साफ किया कि आज महंगाई के कारण भूसा, खल, चोकर, दाना और कपास्या पशु आहार के दाम दोगुने हो चुके हैं । इस स्थिति में जब तक भैंस का दूध 12 रुपये प्रति फैट व 100 रुपये प्रति लीटर और गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर नहीं किया जाता,तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा । अभी तक जीरापुर माचलपुर में था लेकिन 16 राजगढ़ जिले में रहेगी किसानों ने चेतावनी दी है कि वे अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो शहरों में पैकेट वाले दूध की एक भी गाड़ी प्रवेश नहीं करने दी जाएगी ।
“प्रशासन की लापरवाही से जनता बेहाल,अब पैकेट दूध बंद हुआ तो मचेगा त्राहि-त्राहि”
इधर, माचलपुर, जीरापुर में दूध की सप्लाई पहले ही 4 दिनों से बंद है लोग परेशान है बदलते मौसम और भयंकर वायरल के दौर में बीमार बच्चों और मरीजों को दूध नहीं मिल पा रहा है । आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत स्थानीय प्रशासन व्यवस्था करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है । अब यदि किसानों की चेतावनी के बाद सांची और अन्य कंपनियों के पैकेट वाले दूध की सप्लाई भी रुकती है, तो पूरे राजगढ़ जिले में दूध के लिए त्राहि-त्राहि मचना तय है। वैसे ही माचलपुर जीरापुर पैकेट का दूध नहीं मिलता था अगर कोई लाना चाहे तो आंदोलनकरी बेचने नहीं देंगे नागरिकों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वे तुरंत हस्तक्षेप कर इस गतिरोध को खत्म कराएं जिससे आमजन की तकलीफ दूर हो ।










