
श्रद्धा,भक्ति और उल्लास का महासंगम,चाठाकुंडी बालाजी मंदिर में सात दिवसीय सप्ताजी संपन्न,भव्य शोभायात्रा में उमडे श्रद्धालु !
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- भक्ति की रसधार, भजनों की गूंज और भगवान के जयकारों से पूरा माचलपुर नगर अध्यात्म के रंग में सराबोर हो उठा । नगर के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल चाठाकुंडी बालाजी मंदिर पर पिछले शनिवार से चल रही सप्ताजी ज्ञानयज्ञ शनिवार 12 तारीख को पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ पूर्णाहुति के महाहवन में जैसे ही अंतिम आहुति डाली गई, पूरा परिसर ‘बालाजी महाराज की जय’ और ‘भक्त हनुमान की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा ।
विगत सात दिनों तक मंदिर परिसर में भक्ति का ऐसा अनूठा माहौल देखने को मिला, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया । इन सात दिनों में मंदिर में भजनों की अमृत वर्षा होती रही जिसमें भक्त भींग कर सरोबार होते रहे झूमते रहे । नगर सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आईं प्रख्यात भजन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं भजनों की थाप और मंजीरों की झंकार ने नगर को गुंजायमान कर माहौल बजरंग मय बनाए रखा ।
“पलक-पावड़े बिछाए खड़े रहे भक्त, हर दिन लगा रहा हुजूम”
इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर क्षेत्र के लोगों में अपार उत्साह देखा गया । पूरे सात दिनों तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों क्या बुजुर्ग, क्या युवा और क्या मातृशक्ति—हर कोई इस आध्यात्मिक महाकुंभ में डुबकी लगाने को आतुर नजर आया । अंतिम दिन शनिवार को मंदिर परिसर में हवन-पूजन का आयोजन किया गया आचार्यों के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ अग्नि देव को आहुतियां समर्पित की गईं यजमानों और उपस्थित जनसमुदाय ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की ।
“नगर भ्रमण पर निकले हनुमान जी,चलित झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र”
धार्मिक अनुष्ठान के भव्य समापन के बाद मंदिर परिसर से एक ऐतिहासिक और विशाल शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें साक्षात हनुमान जी नगर भ्रमण पर निकले । इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही शोभायात्रा में शामिल आकर्षक चलित झांकियां हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं । हमेशा सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले आदर्श विद्या मंदिर के संचालक ने इस बार भी अपनी अनूठी प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया विद्यालय की ओर से ‘नीम करौली धाम’ की अद्भुत चलित झांकी सजाई गई थी । इसके साथ ही भगवान गणेश और उनके वाहन मूषक सहित आदि के जीवंत पात्र बनकर चल रहे थे,जो बेहद मनमोहक लग रहे थे ।
“भजनों पर झूमे श्रद्धालु, जगह-जगह हुआ आत्मीय स्वागत,मंदिर में हुई महाआरती”
बैंड-बाजों की मधुर धुनों, ढोल-नगाड़ों की थाप और भगवा ध्वज लहराते युवाओं की टोली के साथ पूरी यात्रा भक्तिमय हो गई । भजनों पर गाते-नाचते श्रद्धालु जिसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष थे जो इससे उत्सव के रूप में आनंद ले रहे थे यह यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां नगर वासियों ने पलक पावड़े बिछाकर फूलों से इसका स्वागत किया । नगर भ्रमण के बाद यह शोभायात्रा पुनः चाठाकुंडी बालाजी मंदिर परिसर पहुंची जहां भगवान की दिव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें उपस्थित अपार जनसमुदाय ने एक साथ सुर मिलाकर आरती गाई । महाआरती के बाद उपस्थित सभी भक्तों को प्रसादी का वितरण किया गया इसके साथ ही मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ,जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रसादी ग्रहण की। भंडारे के साथ ही इस ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक उत्सव का अत्यंत हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ ।










