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दूध का ‘दाम’ नहीं, तो सप्लाई ‘जाम’! माचलपुर के समस्त पशुपालक दुग्धोत्पादकों ने खोला मोर्चा ।

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खल-चोकर के आसमान छूते दामों से टूटा किसानों का दम राज्यपाल से गुहार- ₹12 फैट और ₹100 लीटर मिले खरची दूध का दाम ।

 घनश्याम शर्मा माचलपुर 

माचलपुर :- “पशु आहार महंगा और दूध कौड़ियों के दाम” ! इसी कड़वे सच से परेशान होकर आज क्षेत्र के समस्त पशुपालक दुग्धोत्पादक किसानों का गुस्सा फूट पड़ा अपनी आजीविका को बचाने की लड़ाई में एकजुट हुए सैकड़ों किसानों ने टप्पा कार्यालय माचलपुर रैली के रूप में नारे लगाते पहुंचे और महामहिम राज्यपाल के नाम का एक ज्ञापन राजस्व निरीक्षक राजेंद्र बरदानिया को सौंपा । किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उन्हें दूध का सही दाम नहीं मिला,तो वे सड़कों पर दूध बहाने और सप्लाई ठप करने से भी पीछे नहीं हटेंगे ।

“महंगाई की मार पशुओं का पेट भरना हुआ दूभर”

ज्ञापन सौंपने आए समस्त पशुपालक दुग्धोत्पादक भाइयों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में खल,चोकर, कपासिया और हरे चारे के दाम आसमान छू रहे हैं । पशुओं की दवाइयां और इलाज का खर्च भी दोगुना हो चुका है एक तरफ लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दूध के दाम जस के तस हैं । इस असंतुलन के कारण दुग्ध व्यवसाय अब घाटे का सौदा बन चुका है और किसान कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है ।
दुग्ध उत्पादकों ने साफ किया है कि अब वे किसी भी तरह के आश्वासन से मानने वाले नहीं हैं उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं :-
₹12 प्रति फैट की गारंटी: दूध की फैट दर को तुरंत बढ़ाकर 12 रुपये प्रति फैट किया जाए,ताकि दूध की सही कीमत मिल सके ।
₹100 प्रति लीटर दूध: कम फैट वाले (सामान्य) ‘खरची’ दूध की सरकारी खरीद दर कम से कम 100 रुपये प्रति लीटर तय की जाए।

“आर-पार की लड़ाई का ऐलान”

प्रदर्शनकारी किसानों ने प्रशासन को चेताया कि यह केवल एक ज्ञापन नहीं,बल्कि क्षेत्र के समस्त पशुपालक दुग्धोत्पादक किसानों की आजीविका की अंतिम पुकार है । यदि सरकार ने इस गंभीर आर्थिक संकट को नजर अंदाज किया,तो आने वाले दिनों में दूध की हड़ताल की जाएगी,जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी । जब तेल शक्कर आदि की कीमतें सरकार तय करती तो जो रात दिन पशुओं की सेवा मेहनत कर दूध उत्पादन करता उनकी कीमत इतनी कम क्यों ? इस प्रदर्शन में नगर व क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आए बड़ी संख्या में किसान दुग्धोत्पादक और पशुपालक उपस्थित रहे ज्ञात हो कि जीरापुर में भी दूध की रेट नहीं बढ़ने पर 13 सितंबर से हड़ताल का अल्टीमेटम दिया हुआ है ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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