बढ़ती लागत से परेशान डेयरी संचालकों की मांग, 12 रु प्रति फैट और 80 से 90 रु प्रति लीटर मिले दूध का दाम ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
राजगढ़ / माचलपुर :- जीरापुर क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों और डेयरी फार्म संचालकों में पशुपालन की लगातार बढ़ती लागत को लेकर भारी आक्रोश है । सोमवार को समस्त दुग्ध उत्पादक संघ के बैनर तले किसानों और डेयरी संचालकों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा । उत्पादकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो वे मजबूरन हड़ताल पर चले जाएंगे ।
तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि वर्तमान समय में पशुओं के चारे,दाने,भूसे और पशु चिकित्सा सहित अन्य सभी जरूरी खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हुई है । इस लगातार बढ़ती महंगाई के कारण अब डेयरी फार्म चलाना किसानों और पशुपालकों के लिए आर्थिक रूप से घाटे का सौदा साबित हो रहा है। मेहनत के अनुपात में उचित मूल्य न मिलने से दुग्ध उत्पादकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है ।
“12 रुपये प्रति फैट देने की मांग व 12 सितम्बर तक का दिया अल्टीमेटम”
पशुपालकों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए दूध का भाव कम से कम 12 रुपये प्रति फैट तय किया जाए । इसके साथ ही खेरची (खुदरा) दूध का भाव 80 से 90 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से निर्धारित करवाया जाए,ताकि दुग्ध उत्पादकों को उनकी लागत और कड़ी मेहनत का सही दाम मिल सके ।
दुग्ध उत्पादक संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि दिनांक 12 सितंबर 2026 तक उनकी इन जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया,तो क्षेत्र के सभी उत्पादक अपने दूध की सप्लाई बंद कर देंगे । इसके बाद 13 सितंबर 2026 से समस्त दुग्ध उत्पादक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे,जिससे क्षेत्र में दूध की किल्लत हो सकती है उत्पादकों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान होने वाली किसी भी अव्यवस्था की पूरी जवाबदारी शासन और प्रशासन की होगी ।
इस अवसर पर दुग्ध विक्रेता संघ के प्रमुख नेता यशवंत सिंह गुर्जर,भेरुलाल गुर्जर, सूजन गुर्जर,जगदीश गुर्जर, भगवान दांगी,कमल सिंह, रामबाबू,विष्णु, गोविंद, महेंद्र गुर्जर, यादव सिंह, बने सिंह, और राजेश धतरावदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूध विक्रेता संघ के लोग उपस्थित रहे ।










