जीरापुर में झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह अभियान सिर्फ जीरापुर तक सीमित रहेगा, या पूरे राजगढ़ जिले में अवैध क्लीनिकों पर शिकंजा कसेगा ?
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर:– पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 10 क्लीनिक सील किए गए हैं। लेकिन सवाल सिर्फ 10 क्लीनिकों का नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण और शहरी इलाकों का है, जहां बिना वैध दस्तावेजों के चिकित्सा सेवाएं संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
जीरापुर में हुई कार्रवाई ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने 10 क्लीनिकों को सील किया है, लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या जिले के दूसरे क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच होगी?
राजगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक, अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग समय-समय पर उठती रही है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या प्रशासन पूरे जिले में संचालित क्लीनिकों की जांच कराएगा ? क्या बिना वैध दस्तावेज इलाज करने वालों पर भी कार्रवाई होगी ?
सवाल यह भी है कि क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी, या इसका असर जमीन पर भी दिखाई देगा?
क्या स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें जिले भर में अभियान चलाएंगी? क्या अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन्हें बंद कराया जाएगा? और सबसे अहम—क्या आम लोगों को सुरक्षित और वैध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा?
जीरापुर में 10 क्लीनिक सील होने के बाद अब पूरे राजगढ़ जिले की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
देखना होगा कि यह अभियान सिर्फ जीरापुर तक सीमित रहता है, या जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी अवैध क्लीनिकों पर शिकंजा कसता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ क्लीनिक सील करने का नहीं… सवाल है, जिले के हर नागरिक को सुरक्षित इलाज का अधिकार दिलाने का!










