
गोवर्धन नाथ जी हवेली ट्रस्ट के कार्यों की सराहना, कई गांवों के वैष्णव जन रहे उपस्थित ।
घनश्याम शर्मा माचलपुर
माचलपुर :- वैष्णव पुष्टिमार्ग के परम पूज्य आचार्य महराजश्री शरद बाबाश्री (पाटन पोल, कोटा) के मंगलवार शाम पांच बजे नगर आगमन पर वैष्णव समाज द्वारा बाजार चौक में ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया । इसके पश्चात उपस्थित भक्तों ने हार व उपरना पधराकर महाराजश्री का आदर अभिनंदन किया ।
स्वागत समारोह के बाद महाराजश्री निर्माणाधीन श्री गोवर्धन नाथ जी की हवेली का अवलोकन करने आए जहा रास्ते में भक्तों ने अपने घरों से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया । तत्पश्चात हवेली के निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया उन्होंने हवेली की दूसरी मंजिल पर स्थित ‘वल्लभ बालक प्रवास’ का निरीक्षण कर वहाँ ठहरने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा आवश्यक सुधारों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए । महाराजश्री ने हवेली निर्माण के लिए ट्रस्ट द्वारा किए गए प्रयासों की खुले मन से सराहना की उन्होंने हवेली के मुखिया विजय भारद्वाज से ठाकुर जी की सेवा प्रणालियों, व्यवस्थाओं और सेवा की भावना के विषय में भी विस्तृत चर्चा की ।
“वचनामृत में समझाया पुष्टिमार्ग का महत्व”
इस अवसर पर उपस्थित विशाल वैष्णव समुदाय को वचनामृत (प्रवचन) प्रदान करते हुए महाराजश्री ने पुष्टिमार्ग के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि वैष्णवों को मिलने वाले ‘ब्रह्म संबंध’ से ठाकुरजी के साथ सीधा संवाद स्थापित होता है महाप्रभु वल्लभाचार्य जी ने ठाकुर जी की प्रार्थना, सेवा, भक्ति से लेकर राजभोग तक की बेहद सरल परंपराएं बताई हैं । इन परंपराओं का निष्ठापूर्वक पालन कर मनुष्य संसार में सुख,आनंद,वैभव और परम भक्ति की प्राप्ति करसकता है।
“कार्यक्रम में ट्रस्टी व बड़ी संख्या में वैष्णव रहे उपस्थित”
श्री गोवर्धन नाथ जी हवेली के अवलोकन के दौरान महाराजश्री के साथ ट्रस्ट के अध्यक्ष बालमुकुंद सराफ, सचिव दिनेश स्वर्णकार, कोषाध्यक्ष कृष्णकांत जोशी, उपाध्यक्ष मनोहर लाल माधवत,सहसचिव कैलाश सिंह मंडलोई, रामगोपाल मोदी, महेश अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल पिपलिया कुलमी, सत्यनारायण शर्मा, चंदन सराफ, कपिल जोशी और जगदीश पाटीदार सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। इस दिव्य धार्मिक आयोजन में नयागांव, देवीगढ़, पिपलियाकुलमी और माचलपुर नगर के समस्त वैष्णव श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर महाराजश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया ।










