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यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ पचोर में फूटा आक्रोश, क्षत्रिय करणी सेना ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम !

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स्वर्ण समाज के साथ भेदभाव का आरोप,बोड़ा नाका से तहसील कार्यालय तक निकाली शांतिपूर्ण रैली कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन ।

घनश्याम शर्मा माचलपुर

राजगढ़ / माचलपुर :– विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए प्रावधानों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं । सोमवार को क्षत्रिय करणी सेना एवं स्वर्ण समाज जिला राजगढ़ तहसील पचोर के संयुक्त तत्वावधान में समाजजनों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए प्रशासन को सात दिवसीय अल्टीमेटम दिया है । इस दौरान बोड़ा नाका से लेकर तहसील कार्यालय तक एक विशाल और शांतिपूर्ण रैली निकाली गई, जिसमें हाथों में यूजीसी के खिलाफ स्लोगन लिखी तख्तियां हाथों में लिए नारे बाजी करते हुए चल रहे थे जिसके बाद कलेक्टर नाम का ज्ञापन तहसील में सौंपा गया ।

सौंपे गए ज्ञापन में संगठन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए प्रावधानों में स्वर्ण समाज के छात्र-छात्राओं के साथ सीधे तौर पर भेदभाव किया गया है । यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 में निहित समानता के मूल अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन विसंगतिपूर्ण नियमों के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय स्वर्ण समाज के होनहार विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते बंद हो जाएंगे । समाज ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर इसी मांग को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन को भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है ।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि शिक्षा के क्षेत्र में योग्यता और समानता को सर्वोपरि रखते हुए UGC के इन नए नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस (रोलबैक) लिया जाए । करणी सेना ने शासन-प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर उनकी न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो जिला राजगढ़ से लेकर दिल्ली तक उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी ।

Khushi Samvad
Author: Khushi Samvad

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